कोरोना संक्रमण के चलते उत्तर प्रदेश और बिहार स्थनांतरित हुए प्रवासी श्रमिकों को अब महाराष्ट्र में आसानी से नौकरी नहीं मिलेगी। हालांकि ठाकरे सरकार के कार्यकाल में दूसरे राज्यों के श्रमिकों के महाराष्ट्र आने पर कोई रोकटोक नहीं होगी। लेकिन अब जो भी प्रवासी श्रमिक मुंबई या महाराष्ट्र में नौकरी के लिए आएंगे उनका बकायदा पंजीकरण होगा।
सुभाष देसाई ने कहा कि कोरोना संकट के चलते परप्रांतीय श्रमिकों के चले जाने से महाराष्ट्र की कंपनियों में मजदूरों की कमीं हो गई है। राज्य सरकार की ओर से स्थानीय भूमिपुत्रों को इस सुनहरे अवसर का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इसके मद्देनजर औद्योगिक कामगार ब्यूरो का गठन भी किया जा रहा है, जो इस महीने के अंतिम सप्ताह तक कार्यान्वित हो जाएगा। लेबर ब्यूरो के लिए एक वेब पोर्टल तैयार किया जा रहा है जिसके जरिए कुशल और अकुशल युवा अपना पंजीयन करवा सकते है। इससे युवाओं को कंपनियों में नौकरी दी जा सकेगी।