युवक के बयान दर्ज कर पुलिस ने जांच की शुरू।
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उज्जैन की शिप्रा नदी में छलांग लगाने वाला युवक मक्सीरोड पर घूमते हुए मिल गया। डूबने की आशंका पर युवक की तलाश नदी में की जा रही थी। अब पुलिस युवक के बयान लेकर मामले की जांच कर रही है।
दरअसल, जीवाजीगंज थाना क्षेत्र के बड़े पुल से मंगलवार-बुधवार की रात शिप्रा नदी में एक युवक ने छलांग लगा दी थी। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। इस दौरान पुलिस को पुल से उसकी बाइक और एक सुसाइड नोट मिला था। जिसके आधार पर युवक की पहचान आशीष पिता राजेन्द्र काले (38) निवासी ढांचा भवन के रूप में होने पर परिजनों को सूचना दी गई। रात में ही परिजन शिप्रा नदी पहुंचे। पुलिस ने सुसाइड नोट में दो लोगों के नाम होने पर परिजनों से चर्चा कर उनकी तलाश शुरू की। वहीं, नदी में कूदने वाले आशीष की तलाश भी शुरू की गई। दिन में होमगार्ड नदी में उसकी तलाश करते रहे, लेकिन उसका पता नहीं लगा।
शुक्रवार को होमगार्ड की टीम ने फिर से उसकी तलाश शुरू की। इस बीच खबर आई कि नदी में छलांग लगाने वाला मक्सीरोड पर दिखाई दिया है। पुलिस उसकी तलाश में मक्सीरोड पहुंची, लेकिन तब तक परिजन उसे लेकर घर लौट गए। इसके बाद परिजनों से संपर्क कर उसे थाने बुलाया। इस दौरान पुलिस को दिए बयान में युवक ने बताया कि पानी कम होने के वह बच गया और फिर चक्रतीर्थ की ओर जाकर छुप गया था।
पुलिस के डर से वह रातभर शिप्रा नदी किनारे छिपा रहा और सुबह निकल गया। युवक ने पुलिस को बताया कि उसने कर्जदारों से परेशान होकर ऐसा कदम उठाया था। टीआई राकेश भारती ने बताया कि युवक के बयान दर्ज करने के बाद उसे घर भेज दिया है। उसके द्वारा लिखे गए सुसाइड को नोट को जांच में लिया गया है। कर्ज देने वालों से पूछताछ की जाएगी। फिलहाल मामला जांच में है।
मार्केटिंग का काम करता है आशीष
गौरतलब हो कि नदी में छलांग लगाने के बाद परिजनों ने बताया था कि आशीष आर्टिफिशन ज्वेलरी की मार्केटिंग का काम करता है और 2 बच्चों का पिता है। उसके ऊपर कर्ज हो गया था, जिसके चलते वह परेशान रहता था, संभवत: इसी के चलते उसने गलत कदम उठा लिया है। उसके सुरक्षित मिलने पर परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गये थे। मंगलवार बुधवार रात से उसके 2 बेटे, पत्नी और भाई शिप्रा नदी किनारे पर बैठे रहे थे।