महिला बुनकर अहमदाबाद में सम्मानित
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डिजिटल मीडिया के सहारे अब आप पूरी दुनिया से जुड़कर न सिर्फ अपने विचारों और योजनाओं को फैला सकते हैं। बल्कि अपने व्यापार का भी ग्लोबल विस्तार कर सकते हैं। खरगोन जिले में महेश्वर की दो महिलाओं ने डिजिटल-सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोकल से ग्लोबल तक अपने हाथों से बनी साड़ियों का विस्तार किया है। दो इंडियन महिलाओं के हाथों से बनी साड़ियां विदेशी महिलाओं को खूब पसंद आ रही हैं।
मनोरमा पंवार ने बताया, महेश्वर के हैंडलूम की विदेशों में मांग बढ़ रही है। सोशल मीडिया पर शिकागो शहर की डायना और मस्कट की सुचिता अक्सर यहां के उत्पाद खरीदती हैं। सिर्फ इन दो शहरों से नहीं, बल्कि कई विदेश के शहरों में महेश्वर की डिजाइन पसंद की जा रही है। महेश्वर की मनोरमा पंवार और श्मशाद भी सोशल मीडिया के माध्यम से मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया, दुबई और यूएस तक पहुंचकर व्यापार कर रही हैं।
ईडीआईआई के सुरेंद्र जैन ने जानकारी देते हुए बताया, अप्रैल 2022 से फरवरी 2023 तक बुनकरों ने सोशल मीडिया और एक्सिबिशन के जरिए दो करोड़ 97 लाख रुपये की महेश्वरी हैंडलूम के उत्पादों को बेचा है। महेश्वर हैंडलूम उत्पादों का प्रोडक्शन पिछले साल की तुलना में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ा है। महिला दिवस के अवसर पर ईडीआईआई संस्थान द्वारा अहमदाबाद में वीमेन इन लीडरशिप कॉन्क्लेव में मध्यप्रदेश की मनोरमा पंवार और श्मशाद बी खान को सम्मानित किया गया।
बता दें कि यह सम्मान राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा द्वारा किया गया। सम्मान में शॉल श्रीफल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा भेंट की गई। कार्यक्रम में भारतीय विश्वविद्यालय संघ के गेस्ट ऑफ ऑनर पंकज मित्तल, सीनियर वॉइस प्रेसिडेंट रोमित सेन सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।