मामला ढीमरखेड़ा वन परिक्षेत्र के ग्राम खमरिया का बताया गया, जहां मुखबिर की सूचना पर डिप्टी रेंजर त्रिपाठी अपने स्टॉफ के साथ मौके पर पहुंचकर 10 आरोपियों को सुअर के मांस के साथ हिरासत में लिया और उसे खमरिया चौकी ले गए। इसी बीच स्थानीय सरपंच कमलेश ग्रामीणों के भीड़ के साथ मौके पर पहुंचे आरोपियों को छोड़ने की बात पर अड़े रहे। बात ना बनने पर सरपंच और मौजूदा भीड़ ने खमरिया बीट गार्ड प्रदीप तिवारी और रोहित कुमार के साथ मारपीट करते हुए आरोपियों के न्यायालय में पेश करने वाले चालान को फाड़ दिया और जब्त हुए सुअर के मांस का टुकड़ा लेकर चले गए।
जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी लगते ही पूरे वन विभाग में हड़कंप मच गया आलाधिकारियों के निर्देशन पर ढीमरखेड़ा थाने पहुंचे पीड़ित वनकर्मियों ने एफआईआर दर्ज करवाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उनसे शिकायत आवेदन लेते हुए जांच प्रतिवेदन मांगा है ताकि आगे की कार्रवाई हो सके।
डर भय नहीं बचा
बता दें इस तरह का मामला पूर्व में भी समाने आ चुका है। बावजूद इसके आरोपियों में प्रशासनिक अधिकारियों का कोई डर भय नहीं बचा, शायद यही कारण है की इस तरह की घटनाएं सामने आ खड़ी हुई है।