छतरपुर में एक रिटायर्ड पुलिस कर्मी को उसकी पत्नी द्वारा जहर खिलाने का मामला सामने आया है जहां उसका आरोप है कि उसकी पत्नी उसे जहर देकर मारना चाहती है और पत्नी ने उसे मार देने के उद्द्देश्य से जहर खिला दिया है।
जहर देकर मारना चाहती है पत्नी..
जानकारी के मुताबिक मामला छतरपुर शहर सिविल लाइन थाना क्षेत्र की शांति नगर कॉलोनी का है जहां के रहने वाले 65 वर्षीय रिटायर्ड पुलिसकर्मी लक्ष्मीप्रसाद विश्वकर्मा जिला अस्पताल में जहरीला पदार्थ खाने के बाद से भर्ती हैं। जहां उनका और ईलाज चल रहा है।
आरोप है कि उन्हें उनकी पत्नी ने दवाई की शीशी में जहर दिया है और वह उसे मार देना चाहती है। उसे 24 घण्टे से ज्यादा अस्पताल में हो गया है बाबजूद उनकी पत्नी और बेटा नहीं आए।
बेटी की खातिर जिंदा रहना चाहता हूँ..
जिला अस्पताल में भर्ती जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे 65 वर्षीय लक्ष्मी प्रसाद विश्वकर्मा ने बताया कि वह पुलिस सेवा से प्रधान आरक्षक के पद से रिटायर्ड हुए हैं और शहर के सिविल लाईन थाना क्षेत्र की शांति नगर कॉलोनी के रहने वाले हैं।
उनके साथ उनकी पत्नी मायाबाई उनका एकलौता बेटा और 3 बेटियां हैं जिनमें से उसने 2 बेटियों की शादी कर दी है अब सिर्फ एक बेटी बची है जिसका ब्याह करना बाकी है। मेरा लड़का कुछ करता नहीं है आवारा किस्म का और बर्बाद है जिसमें उसकी पत्नी भी उसका साथ देती है।
पत्नी और बेटा उससे खुन्नस बनाए रखते हैं। पत्नी चाहती है कि पति की पूरी पेंशन उसके हाथ में आए और वह अपने ऊपर खर्च करे, बेटा जुआरी-शराबी है लोगों से कर्ज वैगैरह लिए हुए है पेंशन का आधा तो मिलती ही कर्ज और ब्याज में चला जाता है। वहीं जो कुछ है वह पत्नी उड़ा देती है। अब देने से मना किया तो बेटा और पत्नी मेरी जान लेने और मारने पर उतारू हो गए हैं। इसी के चलते परिवार में विवाद रहता है।
जहर देकर मेरे मरने के इंतजार में..
पीड़ित का आरोप है कि उसकी पत्नी और बेटा बहुत वाहियात हैं मुझसे हमेशा लड़ते रहते हैं और मेरे मरने का इंतजार कर रहे हैं कि यह मेरे और सारी पेंशन मुझे मिलने लगे। और इसी के चलते खांसी की दवाई की शीशी में जहर मिलाकर रख दिया जिसे मैंने दवाई समझकर पी लिया और बीमार हो गया एक घंटे तक घर में तड़फता रहा पर पत्नी और बेटे ने बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया न मुझे अस्पताल ले गए।
एक घंटे बाद मैं अकेला चलकर अस्पताल आया और भर्ती हुआ। कल से अब तक 24 घंटे से ज्यादा गुजर गए हैं मुझे अस्पताल में (मेरी पत्नी और बेटा) कोई देखने तक नहीं आया, उन्होंने ही प्लानिंग के तहत जहर दिया है और मेरे मरने के इंतजार में हैं। ताकि मेरे मरने पर मेरी पेंशन/प्रॉपर्टी पर उनका कब्जा हो जाए और वह ऐश करें। पीड़ित का कहना है कि अब तो भगवान बचाए ऐसी पत्नी से..
पत्नी पीड़ित पति जानलेना चहती है पत्नी..
मामला चाहे जो भी हो पर इतना तो तय है कि जिस तरह की व्यथा पत्नी पीड़ित पति ने बताई है उससे तो यही जाहिर होता है कि उसकी पत्नी उसे जहर देकर जान से मार देना चाहती है और उसके मरने के बाद उसकी पेंशन/प्रॉपर्टी पर ऐशो-आराम करना चाहती है। फिलहाल पीड़ित ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही है और फिलहाल यह पुलिस जांच का विषय है।