सीएम ने पीएचई विभाग के अधिकारियों के साथ की बैठक
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मध्य प्रदेश में गर्मी बढ़ते ही पानी की किल्लत बढ़ गई है। इस समस्या को देखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पेयजल योजना की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव-नगर में पेयजल संकट ना हो सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से पेयजल आपूर्ति के संबंध में चर्चा की। विभाग ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 5.57 लाख हैंडपंप और 16,915 नल जल कनेक्शन हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 95.80% हैंडपंप चालू स्थिति में हैं। विभाग की तरफ से जानकारी दी गई कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए PHE विभाग ने हैंडपंप के सतत संचालन के लिए विभागीय और आउटसोर्स अमला तैनात किया है। जलस्तर गिरने के बाद हैंडपंप में मोटर पंप की सहायता से पेयजल आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए 2 हजार से अधिक सिंगल फेस मोटर पंप उपलब्ध हैं। सभी जिलों में हैंडपंप सुधार कार्य हेतु शिकायत निवारण प्रकोष्ठ का गठन किया जा रहा है।
जिला पंचायत, जनपद पंचायत एवं ग्राम पंचायत कार्यालय में पेयजल समस्या की शिकायत हेतु रजिस्टर संधारित करने के निर्देश दिए गए हैं। हैंडपंप सुधारने के लिए सभी विकासखंड स्तर पर मोबाइल टीम गठित की जाएगी। ग्रीष्म ऋतु में पेयजल समस्या के निदान के लिए 5000 नये हैंडपंप लगाने का लक्ष्य रखा गया है।
बता दें मुख्यमंत्री ने सोमवार को ग्रामीण इलाकों में पानी की किल्लत को लेकर सुबह 6.30 बजे अधिकारियों की बैठक ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से शाम तक एक्शन प्लान मांगा। इसके बाद विभाग ने शाम को बैठक में मुख्यमंत्री को अपनी तैयारियों की जानकारी दी।