वीडी शर्मा ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए घटनाक्रम की निंदा की है।
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मप्र भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा पन्ना में थे। उन्होंने कहा कि प. बंगाल के बीरभूम हिंसा का मामला राज्य विधानसभा में उठाने का प्रयास कर रहे भाजपा विधायकों के साथ तृणमूल विधायकों द्वारा जिस तरह मारपीट, झूमाझटकी की गई और बाद में उन विधायकों का पक्ष सुने बिना जिस तरह उन्हें निलंबित कर दिया गया, उससे स्पष्ट हो गया है कि ममता बनर्जी और उनकी तृणमूल कांग्रेस के मन में लोकतंत्र के प्रति कोई श्रद्धा नहीं है।
शर्मा ने कहा कि प. बंगाल में कई देश विरोधी और वामपंथी तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए हैं और आतंक के जरिए राष्ट्रवादी लोगों को दबाने का अपना एजेंडा चला रहे हैं। वहां जिस तरह से राजनीति का अपराधीकरण हो रहा है, वो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। बीरभूम की हिंसा ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस की उस सुविचारित योजना का हिस्सा है, जिसके माध्यम से वे पूरे प्रदेश में अपना आतंक कायम करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को निर्ममतापूर्वक जिंदा जलाए जाने की इस घटना में तृणमूल कांग्रेस की संलिप्तता के स्पष्ट साक्ष्य हैं।
माननीय न्यायालय ने भी इस मामले में ममता सरकार की निष्पक्षता को संदिग्ध मानते हुए सीबीआई से इस मामले की जांच कराए जाने के आदेश दिए हैं। लेकिन ममता बनर्जी नहीं चाहती कि उनका कच्चा चिट्ठा किसी भी प्लेटफॉर्म पर जनता के सामने आए। इसीलिए तृणमूल के विधायक भारतीय जनता पार्टी के विधायकों को राज्य विधानसभा में यह मामला उठाने से रोक रहे हैं। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि भाजपा विधायकों को सदन में अपनी बात रखने से रोकने के लिए ममता सरकार हर तरह की हथकंडेबाजी आजमा रही है, जो लोकतंत्र के अपहरण के प्रयास की तरह है। उन्होंने कहा कि पं. बंगाल के घटनाक्रम पर माननीय प्रधानमंत्री जी और गृहमंत्री जी की नजर है और लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होंगे, कदम उठाए जाएंगे।