मध्यप्रदेश विधानसभा में शनिवार को कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश में हिरासत में लिए जाने को लेकर काफी हंगामा हुआ। प्रियंका को उस वक्त हिरासत में लिया गया, जब वह नरसंंहार के पीड़ितों से मिलने के लिए सोनभद्र जा रही थीं। इस हफ्ते हुए इस नरसंहार में 11 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। स्पीकर एनपी प्रजापति को हंगामे के कारण पांच मिनट में सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
बताया जा रहा है कि जैसे ही प्रश्नकाल शुरू हुआ वैसी ही मंत्री जीतू पटवारी ने प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाया। उनका कई कांग्रेसी नेताओं ने समर्थन किया। इसके बाद विपक्षी पार्टी भाजपा के सदस्यों ने भी बोलना शुरू कर दिया, जिससे सदन में काफी हंगामा होने लगा।
स्पीकर ने सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखने को कहा ताकि कार्यवाही आगे बढ़ सके। उतने ही मंत्री ओमकार सिंह मरकम ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आदिवासियों को मार रही है और प्रताड़ित कर रही है। वरिष्ठ भाजपा विधायक भूपेंद्र सिंह ने कहा कि सदन पूरे देश के मुद्दों पर चर्चा के लिए नहीं है। स्पीकर ने कहा कि वह जल्द ही संसदीय मामलों के मंत्री और विपक्षी नेताओं के साथ इस मुद्दे पर बैठक करेंगे।