उमरिया में मानपुर विकासखंड के शासकीय स्कूल के शिक्षक ने स्कूल के मध्यान्ह भोजन के चावल को बेचकर शराब पीकर स्कूल में बवाल करना एक शिक्षक को महंगा पड़ गया। जहां अधिकारी के नोटिस का भी जवाब उसने नहीं दिया। इस पर कलेक्टर ने शिक्षक को निलंबित कर दिया।
दरअसल, यह पूरा मामला मानपुर विकासखंड के लखनौटी स्कूल का है। वहीं, यहां पर पदस्थ शिक्षक दयाराम सिंह स्कूल में शराब पीकर आए और बच्चों को डाटें। जहां विद्यालय से एमडीएम का चावल लगभग 10 किग्रा निकालकर ले गए। उसे बेचकर फिर से शराब पीकर फिर स्कूल पहुंचे। उसके बाद विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों को डांट-फटकार किया। जहां विद्यालय खुला छोड़कर अपने घर चले गए, जिसके बाद बच्चों ने विद्यालय में ताला बंद किया।
शासकीय प्राथमिक शाला मौहार टोला (लखनौटी) के एसएमसी अध्यक्ष मुकेश सिंह ने दूरभाष पर बीआरसीसी मानपुर को सूचना मिली। फिर बीआरसीसी मानपुर स्कूल पहुंचे और जांच में विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों ने बताया कि विद्यालय में पदस्थ शिक्षक अरुणोदय पटेल प्रशिक्षण के लिए बीआरसीसी कार्यालय मानपुर गए हुए थे। जहां इसके कारण दयाराम सिंह को विद्यालय का संचालन करना था।
लेकिन ग्रामीणों ने बताया कि दयाराम सिंह आए दिन विद्यालय में अनुपस्थिति रहते हैं। फिर वहीं बीआरसीसी मानपुर ने शिक्षक दयाराम सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। लेकिन दयाराम सिंह ने नोटिस का किसी प्रकार भी जवाब नहीं दिया। कलेक्टर बुद्धेश कुमार वैद्य ने शिक्षक पर कार्रवाई करते हुए शिक्षक को निलंबित कर मुख्यालय बीआरसीसी कार्यालय मानपुर बना दिया है।
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पाली के प्राचार्य को लापरवाही बरतने पर कलेक्टर के पत्र पर कमिश्नर ने किया निलंबित
सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय है, जहां पर दूर-दूर के एसटी-एससी के बच्चे यहां आकर शिक्षा ग्रहण करते हैं और समुचित शिक्षा के साथ ही गुणवत्तापूर्ण भोजन भी पाते हैं। लेकिन शासन की योजनाओं को कुछ कर्मचारी पलीता लग रहे हैं। जांच न होने की वजह से उन्होंने अपने स्कूल में बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया है।
जानकारी के अनुसार, अभी हाल ही में कलेक्टर उमरिया बुद्धेश कुमार वैद्य निरीक्षण करने के लिए गए हुए थे। जहां उन्होंने पाया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पाली में कई अव्यवस्था है। शौचालय सही ढंग से नहीं है, वहीं खिड़की और दरवाजे टूटे हुए हैं।
विद्यालय में साफ सफाई भी नहीं है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है, जिस पर कलेक्टर ने उन्हें पत्र देकर सूचित किया। लेकिन उसके बाद भी उन्होंने समस्या का समाधान नहीं किया, जिस पर कलेक्टर ने कार्रवाई करने के लिए कमिश्नर से अनुशंसा की, जिस पर कमिश्नर ने देरी न करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और उन्हें मुख्यालय कार्यालय सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग के कार्यालय में संबंध कर दिया।