तेंदुए को मारकर कुएं में फेंका
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उमरिया जिला वनों से आच्छादित है, जहां वनों की वजह से यहां जंगली जानवर बहुतायत मात्रा में पाए जाते हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व भी इसी क्षेत्र में स्थित है। लेकिन यहां जंगली जानवरों के शिकार के मामले भी तेजी से बढ़ते हुए नजर आ रहे हैं। यह शिकार चाहे शौकीन हो या फिर यह किसी भी लालच पर किए जाते हैं पर लगातार जंगली जानवरों की संख्या कम होती हुई नजर आ रही है।
दरअसल, यह पूरा मामला उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र के घुनघुटी के वन परिक्षेत्र के ग्राम ओढेरा का बताया जा रहा है। जहां मौजूद कुएं में बोरे के अंदर तेंदुए का शव मिला है। वहीं, बताया जाता है कि सुबह ग्रामीणों ने इसकी जानकारी वन अमले को दी थी, जिसके बाद वन विभाग के उच्च व वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी मिली है। बताया यह भी जाता है कि जिन परिस्थितियों में मादा तेंदुए का शव कुएं में मिला है, उससे यह साफ है कि ये पूरी कारस्थानी शिकारियों की है।
इतना ही नहीं कयास यह भी लगाए जा रहे हैं कि वन्य प्राणियों के शिकार के लिए शिकारी करंट आदि लगाए गए थे। पर वह दुर्भाग्य से वयस्क मादा तेंदुआ फंस गया और उसकी मौत हो गई, जिसके बाद शिकारियों ने मृत वयस्क मादा तेंदुए को बोरी में भरा और जंगल की सीमा से सटे कुएं में फेंक दिया।
जहां घटना के बाद डॉग स्क्वॉड आदि की मदद से शिकारियों की पतासाजी की जा रही है। फिर वन विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे और जरूरी कार्रवाई किए। वहीं, बताया यह भी जाता है कि जिन हालातों में क्षत-विक्षत सड़ांध मारता तेंदुए का शव बोरी में मिला है। जहां उससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि तेंदुए की मौत करीब सात से आठ दिन पूर्व हो गई होगी।