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Umaria News: बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकले जंगली हाथी, गांवों में मचाया उत्पात और फसलों को नुकसान

Sun, 07 Sep 2025 04:33 PM IST
उमरिया ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उमरिया

सार

ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथियों को खदेड़ने की कोशिश की, वहीं सूचना मिलते ही बीटीआर की टीम मौके पर पहुंची और हाथियों को जंगल की ओर लौटाया। वन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों के नजदीक जाने से बचें।
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बांधवगढ़ में तीन जंगली हाथियों का आतंक। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से निकलकर तीन जं गली हाथी को पनपथा बफर क्षेत्र के छतवा, पटपरहा और भमरहा गांव तक पहुंच गए। हाथियों का अचानक आबादी वाले क्षेत्रों में आना ग्रामीणों के लिए डर और परेशानी का कारण बना। हाथी गांव के घरों के नजदीक तक पहुंच गए, जिससे लोगों में भगदड़ जैसे हालात बन गए।

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खेतों में तबाही
पटपरहा गांव के किसान ने बताया कि हाथियों ने उनके खेत में लगी धान की फसल को बुरी तरह रौंद दिया। रातभर की मेहनत और पूरे सीजन की उम्मीद हाथियों के पैरों तले कुचल गई। नंदकुमार के अनुसार हाथी उनके घर के पास तक आ गए थे, जिससे पूरे परिवार ने घर छोड़कर सुरक्षित जगह शरण ली। वहीं, अन्य ग्रामीणों ने भी बताया कि हाथियों के डर से खेतों और बाड़ी में कोई नहीं जा पा रहा।

शोर मचाकर खदेड़े हाथी
गांव में हाथियों के घुसने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए। लोगों ने मिलकर ढोल-थाली और पटाखों के जरिए शोर मचाया, ताकि हाथियों को गांव से भगाया जा सके। स्थिति गंभीर होती देख ग्रामीणों ने तुरंत बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को सूचना दी।
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बीटीआर की टीम पहुंची मौके पर
सूचना मिलते ही बीटीआर की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ मिलकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ा। टीम ने हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। वन अधिकारियों ने बताया कि लगातार हाथियों की आवाजाही बफर और कोर क्षेत्र के बीच बनी हुई है।

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स्थायी ठिकाना बना रहे हाथी
गौरतलब है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ समय से जंगली हाथियों की मौजूदगी बढ़ गई है। पहले हाथी छत्तीसगढ़ से भटककर यहां आते थे, लेकिन अब उन्होंने बीटीआर को स्थायी ठिकाना बना लिया है। यही कारण है कि हाथियों का दल समय-समय पर जंगल से बाहर निकलकर आसपास के गांवों और खेतों तक पहुंच जाता है।

ग्रामीणों में दहशत
हाथियों की गतिविधियों से ग्रामीणों में डर का माहौल बना हुआ है। लोग रात को घरों के बाहर निकलने से बच रहे हैं और खेतों में जाने से भी हिचकिचा रहे हैं। किसानों का कहना है कि हाथियों के कारण हर साल फसलों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई मुआवजा या ठोस सुरक्षा व्यवस्था नहीं मिली है।
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वन विभाग की अपील
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें उकसाने से बचें। यदि हाथियों की गतिविधि गांव के पास दिखाई दे तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें। विभाग ने दावा किया कि लगातार निगरानी की जा रही है और ग्रामीणों की सुरक्षा प्राथमिकता है।

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