उमरिया जिले के लोरहा गांव में नवविवाहिता पूजा बैगा का शव फंदे पर लटका मिला। मृतका आदिवासी समाज की गौरवशाली हस्ती स्व. जोधईया बाई के परिवार की बहू थी। पुलिस ने मामले को संदिग्ध मानकर जांच शुरू कर दी है।
उमरिया जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम लोरहा में शनिवार को 23 साल की नवविवाहिता ने आत्महत्या कर ली। पूजा बैगा का शव उसके घर में फंदे से लटका मिला। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई।
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सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में आत्महत्या की आशंका जताई जा रही है। लेकिन, पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। पुलिस ने परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 23 साल की नवविवाहिता पूजा बैगा का संबंध उस परिवार से है जिसने आदिवासी समाज को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनके पति अमर बैगा, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित स्व. जोधईया बाई के पुत्र स्व. सुरेश बैगा के बेटे हैं। स्व. जोधईया बाई ने आदिवासी लोक कला और संस्कृति को नई पहचान दिलाकर समाज का गौरव बढ़ाया था।
पूजा की मौत को कुछ लोग पारिवारिक कलह या मानसिक तनाव से जोड़ रहे हैं, जबकि कुछ इसे संदिग्ध मान रहे हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही कुछ साफ होगा।