रक्षाबंधन के अवसर पर जिले में एक अनोखा और भावनात्मक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका नाम था ‘राखी के संग खाकी’। जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में सक्रिय सामाजिक संगठन युवा टीम उमरिया ने इस कार्यक्रम का आयोजन कोतवाली थाना परिसर में किया।
कार्यक्रम के तहत युवा टीम की बहनों ने पुलिसकर्मियों की कलाइयों पर राखी बांधकर उन्हें समाज की सुरक्षा के लिए आशीर्वाद और शुभकामनाएं दीं। राखी बांधने से पहले परंपरागत तरीके से बहनों ने पुलिसकर्मियों के माथे पर तिलक लगाया। रक्षाबंधन से पूर्व पाली थाना में भी इसी तरह का आयोजन हुआ, जहां युवा टीम की बहनों ने पुलिस कर्मियों की कलाई पर राखी बांधी और माहौल कुछ देर के लिए भाई-बहन के प्रेम के इस अनोखे बंधन में सराबोर हो गया।
इस मौके पर एसडीओपी डॉ. नागेंद्र प्रताप सिंह और कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने कहा कि पुलिसकर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाते हैं। ऐसे में समाज के लोग यदि उनके साथ त्योहारों की खुशियां साझा करें तो यह उनके मनोबल को और बढ़ा देता है।
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राखी बांधने के बाद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बहनों को सुरक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहने का वचन दिया। इस मौके पर भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जहां पुलिसकर्मी और बहनों के बीच भाई-बहन का रिश्ता और मजबूत होता नजर आया।
कार्यक्रम में एसडीओपी डॉ. नागेंद्र प्रताप सिंह, थाना प्रभारी मदनलाल मरावी, उप निरीक्षक एस.के. मिश्रा, सहायक निरीक्षक शिवशंकर सिंह, प्रधान आरक्षक योगेश्वर सिंह, चंद्रशेखर यादव, दिनेश नामदेव, अनिल पटेल, अजय सिंह, अनंत श्रीवास, तथा युवा टीम से हिमांशु तिवारी, शिखा बर्मन, वैष्णवी बर्मन, अभिनव द्विवेदी, राहुल सिंह, दीक्षा सिंह और प्रियंका बैगा सहित कई लोग उपस्थित रहे।
‘राखी के संग खाकी’ कार्यक्रम ने न केवल रक्षाबंधन के पारंपरिक महत्व को उजागर किया, बल्कि यह संदेश भी दिया कि पुलिस और समाज के बीच आपसी विश्वास और भाईचारे का रिश्ता बनाए रखना जरूरी है। यह पहल आने वाले समय में पुलिस-जन सहयोग को और मजबूत बनाने में मददगार साबित होगी।