देश-प्रदेश के साथ विदेश में अपनी वाइल्ड लाइफ और जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध मध्यप्रदेश के उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नया पर्यटन सत्र एक अक्टूबर से प्रारंभ हो रहा है। रविवार एक अक्टूबर को सुबह से पर्यटक सफारी का लुत्फ उठा सकेंगे। बारिश के सीजन में खराब हुए पर्यटन रूट का रख-रखाव करवा लिया गया है। पूरे मध्यप्रदेश के सात टाइगर रिजर्व में बांधवगढ़ के वन क्षेत्र में सर्वाधिक 165 बाघ पाए जाते हैं। रविवार से इसके ताला, मगधी, खितौली के साथ ही पनपथा, धमोखर और जोहिला गेट से सफारी हो पाएगी। वन विभाग की ऑनलाइन बुकिंग में पहला हफ्ता बुक है। फिर दशहरे की छुट्टी के समय में भी व्यस्तता रहेगी। इसके अलावा पार्कों में वन विभाग पर्यटन शुल्क बढ़ाने पर मंथन कर रहा है।
ऑनलाइन बेवसाइट में पर्यटकों को कहा गया है कि शासन के निर्देशानुसार बुकिंग होने के बाद भी अतिरिक्त शुल्क आगामी आदेश अनुसार देने होंगे। इस बार गत सत्र 2022-23 में 1,85,825 पर्यटकों का रिकॉर्ड टूट सकता है, क्योंकि यहां लगातार नए बाघों की आसानी से साइटिंग हो रही है। रायपुर बन्नौदा धमोखर बफर अंतर्गत गांव में ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग में तीन बाघों को देखा है।
147 गाड़ियां और 255 गाइड पूरी तरह तैयार
मौसम में गर्मी का असर देखते हुए वन विभाग द्वारा सफारी का समय सुबह छह बजे से तय किया गया है। 5.30 घंटे पर्यटक जंगल में घूम सकेंगे। शाम के समय वाहन तीन बजे से इतने ही घंटे के लिए जंगल में जाएंगे। शाम को छत बजे वापसी होगी। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार कोर के तीन गेट से कुल 147 वाहन जंगल में जाएंगे। सर्वाधिक ताला में 55, मगधी में 51 और खितौली में 41 वाहनों की अधिकतम अनुमति रहेगी। सफारी के लिए 255 गाइड पंजीकृत हैं। 25 महिला दल भी पंजीकृत हैं।
बाघिन तारा का कुनबा सबसे बड़ा
बांधवगढ़ के स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों की मानें तो नए सत्र में पर्यटकों के लिए सर्वाधिक रोमांच तारा के कुनबे को देखना होगा। तारा बाघिन का छह शावकों का कुनबा है। ये चार अक्सर साथ में देखे जाते हैं। इसी तरह डॉटी का परिवार भी अक्सर खितौली में आसानी से देखा जाता रहा है। मगधी में डॉटी के चार मादा शावकों का राज है। ताला में चक्रधरा मादा के तीन शावक हैं। कजरी के चार, वनदेही के दो शावक अक्सर देखे जाते हैं। खितौली में ही रॉ बाघिन के चार बच्चे दो साल के वयस्क हो रहे हैं।
कारोबारियों में लौटी रौनक
पर्यटन सत्र चालू होने की तैयारी में बांधवगढ़ स्थित सभी होटल रिसॉर्ट में तैयारियां चल रही हैं। लोगों को रिझाने के लिए आकर्षक साज-सज्जा से लेकर पैकेज ऑफर दिए जा रहे हैं। दूसरी तरफ स्थानीय लोग गाइड और जिप्सी के माध्यम से अपनी जीविकोपार्जन से जुड़ेंगे।
गुलजार रहेगा बफर जोन
जाहिर है ठंड की शुरूआत में लोग दशहरा और दीपावली की छुट्टी मनाने सफारी के लिए यहां पहुंचते हैं। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर बफर भी फुल होगा। नाइट सफारी तीनों गेट के लिए रहेगी, क्योंकि मानपुर और बफर में बाघों की उपस्थिति लगातार दर्ज हो रही है। धमोखर, पचपेढ़ी और जोहिला में 100 से अधिक गाड़ियों की अनुमति जारी की गई है। पर्यटन से जुड़े कारोबारी मानते हैं कि अब बफर में साइटिंग से सैलानी की आवक बनी रहेगी।