मानसून की बारिश के बीच बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में पर्यटन ने अपनी रफ्तार बनाए रखी है। जुलाई और अगस्त 2026 में धमोखर और पनपथा बफर क्षेत्र में करीब 2400 पर्यटकों ने 500 से अधिक पर्यटन वाहनों से जंगल सफारी की। बारिश के बावजूद पर्यटकों की बढ़ती संख्या से बांधवगढ़ के बफर क्षेत्र में पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों में उत्साह है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बफर क्षेत्र में पर्यटकों और सफारी वाहनों की संख्या में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई है। जुलाई-अगस्त 2025 में करीब 2000 पर्यटकों ने 438 वाहनों के माध्यम से सफारी की थी। इस वर्ष पर्यटकों की संख्या लगभग 14.5 प्रतिशत, जबकि पर्यटन वाहनों की संख्या करीब 15.1 प्रतिशत बढ़ी है। इससे साफ है कि मानसून के दौरान भी पर्यटक बांधवगढ़ के जंगल और यहां के वन्यजीवों को करीब से देखने में रुचि दिखा रहे हैं।
पर्यटन आय में भी इजाफा
पर्यटकों की बढ़ती संख्या का असर बांधवगढ़ के बफर पर्यटन से होने वाली आय पर भी दिखाई दिया है। जुलाई-अगस्त 2026 में बफर क्षेत्र से 6 लाख 90 हजार 878 रुपये की आय प्राप्त हुई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आय 6 लाख 23 हजार 847 रुपये थी। इस तरह इस वर्ष आय में 67 हजार 31 रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मानसून के दौरान जंगल का प्राकृतिक स्वरूप भी पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण बनता है। बारिश के बाद वन क्षेत्र में हरियाली बढ़ जाती है और वातावरण अधिक प्राकृतिक व मनोरम नजर आता है। सफारी के दौरान पर्यटकों को बाघ के अलावा चीतल, सांभर, गौर सहित विभिन्न शाकाहारी और मांसाहारी वन्यजीवों को देखने का अवसर मिलता है।
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स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिल रहा सहारा
बफर क्षेत्र में पर्यटन बढ़ने का लाभ स्थानीय लोगों को भी मिल रहा है। सफारी वाहनों के चालक और स्थानीय गाइड के साथ होटल, होम-स्टे, रेस्टोरेंट तथा अन्य पर्यटन गतिविधियों से जुड़े लोगों को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि से स्थानीय स्तर पर आय के स्रोत भी मजबूत हो रहे हैं। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में धमोखर बफर और पनपथा बफर में पर्यटकों के लिए सफारी संचालित होती है। प्रबंधन की ओर से पर्यटन को जिम्मेदार और प्रकृति के अनुकूल बनाए रखने के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
बांधवगढ़ क्षेत्र के संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि मानसून के दौरान भी बफर क्षेत्रों में पर्यटकों का अच्छा रुझान देखने को मिला है। प्रकृति और वन्यजीवों के संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पर्यटन गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। स्थानीय समुदाय की भागीदारी से पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।