उमरिया जिले के परिक्षेत्र मानपुर बफर की खिचकिड़ी बीट में वन विभाग की रात्रि गश्ती के दौरान खैर प्रजाति की लकड़ी की अवैध तस्करी पकड़ी गई। वन अमले ने संदेह के आधार पर एक ऑटो को रोका जो कपड़े से ढका हुआ था और पटपरिहा गांव की ओर से आ रहा था। जांच के दौरान उसमें बड़ी मात्रा में खैर लकड़ी लोड पाई गई, जिसके वैधानिक दस्तावेज वाहन चालक के पास नहीं थे।
इसके बाद वन विभाग की टीम ने मौके पर ही अवैध परिवहन पाए जाने पर ऑटो को जब्त कर लिया और भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि खैर की लकड़ी की तस्करी वन संपदा के दोहन का गंभीर मामला है। इसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कत्था निर्माण के लिए बढ़ रही तस्करी
गौरतलब है कि खैर लकड़ी का उपयोग मुख्य रूप से कत्था निर्माण में किया जाता है, जिससे इसकी अवैध कटाई और तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं। वन विभाग लगातार जंगलों की सुरक्षा के लिए निगरानी कर अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए नियमित गश्त कर रहा है। इस कार्रवाई के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में गश्ती बढ़ा दी है। लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की अवैध कटाई या वन संपदा की तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत विभाग को सूचित करें।
1.5 धन मीटर खैर लकड़ी जब्त
परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश अहिरवार ने बताया कि वन विभाग की टीम जब क्षेत्र में गश्त कर रही थी, तब उन्हें एक संदिग्ध ऑटो दिखाई दिया। ऑटो पटपरिहा गांव से खिचकिड़ी गांव की ओर जा रहा था। जांच में पाया गया कि ऑटो में कपड़े से ढककर खैर की लकड़ी रखी गई थी, जिसकी मात्रा लगभग 1.5 धन मीटर थी।