हाईवे लूट कांड का फैसला, चालक से कार, मोबाइल और पर्स लूटने वाले आरोपी को 5 साल की सजा
उमरिया जिले में हाईवे पर हुई सनसनीखेज लूट की वारदात में अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्य आरोपी को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला उस वक्त का है, जब एक चालक को सुनियोजित तरीके से सवारी बनकर बैठे आरोपियों ने न केवल धमकाया, बल्कि उससे कार, मोबाइल और पर्स भी लूट लिया था। न्यायालय के फैसले ने साफ कर दिया कि सड़क पर अपराध करने वालों के लिए कानून का शिकंजा अब और कसता जा रहा है।
मीडिया प्रभारी (अभियोजन) नीरज पाण्डेय ने जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी दुर्गेश यादव, वाहन मालिक सोनेलाल यादव की अर्टिगा कार (क्रमांक एमपी 54 सीए 5220) चलाता है। 1 फरवरी 2025 की सुबह करीब 10:30 बजे वाहन मालिक ने दुर्गेश को फोन कर कटनी के लिए बुकिंग होने की सूचना दी और एक मोबाइल नंबर साझा किया। तय समय पर दुर्गेश सिंगल टोला से गाड़ी लेकर भरौला पहुंचा और संपर्क करने पर उसे सिद्ध बाबा मंदिर के पास आने को कहा गया।
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मंदिर के पास दो युवक खड़े मिले, जिन्हें दुर्गेश ने सवारी समझकर गाड़ी में बैठा लिया। कुछ दूर जाने के बाद एक युवक ने पेचकस निकालकर दुर्गेश को धमकाया और गाड़ी दूसरे युवक को चलाने देने को कहा। जान का खतरा देखते हुए दुर्गेश ने मजबूरी में वाहन सौंप दिया। आरोपी उसे जोगिन के जंगल की ओर ले गए, जहां मारपीट कर उसे उतार दिया और कार, वीवो कंपनी का मोबाइल, पर्स, आधार कार्ड और नकदी लूटकर फरार हो गए। लूटी गई संपत्ति की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई।
घटना की शिकायत पर कोतवाली उमरिया में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। सिविल लाइन चौकी प्रभारी बृजकिशोर गर्ग ने विवेचना करते हुए साक्ष्य जुटाए और आरोपी शिवम उर्फ शिब्बू यादव को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीपक कुमार अग्रवाल ने आरोपी को बीएनएस की धारा 309(6) के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास और जुर्माना, साथ ही अन्य धाराओं में अतिरिक्त सजा सुनाई। इस फैसले ने जिले में अपराध के खिलाफ कड़ा संदेश दिया है कि कानून से बचना अब आसान नहीं।