उमरिया जिले की आध्यात्मिक नगरी के नाम से जानी जाने वाली पाली है। जग माता बिरासिनी के दरबार बिरसिंहपुर पाली में भव्य जवारा जुलूस निकाला गया। इतना ही नहीं देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां पहुंचे और माता बिरासिनी के दरबार में अपनी हाजिरी लगाई।
यह कोई आज की परंपरा नहीं है। यह परंपरा सदियों पुरानी है। जहां माता के दरबार से जवारे का जुलूस निकाला जाता है। मां बिरासिनी के दरबार बिरसिंहपुर पाली में शारदीय नवरात्रि की नवमी पर भव्य जवारा जुलूस निकाला गया। जहां नौ दिनों तक मां जगत जननी की पूजा अर्चना की गई। हर साल की भांति इस साल भी बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासिनी धाम से शाम चार बजे भव्य जवारा कलश निकाला गया।
आपको बता दें कि सर्वप्रथम मां काली की विधि-विधान से पूजा अर्चना की गई है। तत्पश्चात यह जवारा जुलूस नगर के विभिन्न मार्ग से होते हुए सगरा तालाब पहुंचा। जहां विधि-विधान से जवारा कलशों का विसर्जन किया गया। इस बार जुलूस में कलश शामिल हुए। जवारा कलश के पीछे बिरासनी समिति द्वारा आयोजित नौ देवियों की झांकी, शिव नृत्य की झांकी साथ-साथ चली। शारदीय नवरात्रि की अष्टमी के दिन मां बिरासनी धाम में माता बिरासनी का स्वर्ण आभूषण से भव्य शृंगार किया गया।
इस दौरान बिरासनी माता मंदिर में बोए गए जवारों का कलशों का विसर्जन काली नृत्य के साथ स्थानीय सगरा तालाब में किया गया। ऐसी मान्यता है कि माता बिरासनी के दरबार में जो भक्त अपनी मन्नतें मांगता है, उस मन्नत को माता बिरासिनी जरूर पूरी करती है। इस कारण से माता बिरासिनी के दरबार में देश के कोने-कोने से श्रद्धालु पहुंचते हैं।
इसके अलावा मां बिरासिनी सेवा समिति ने भी इस कार्यक्रम में अपनी सहभागिता निभाई है। जहां उन्होंने सभी स्कूलों से झांकियां मंगाई थी, जो एक मुख्य आकर्षण का केंद्र भी रहे हैं। जहां माता के इस अनुपम रूप को देखकर लोग गदगद हो गए हैं और इस प्रकार की झांकियां एक अलग ही तरह की शोभा बढ़ा रही थी।