टीम ने घेराबंदी कर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कीं।
मध्य प्रदेश राज्य वन विकास निगम की टीम ने जिले में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रविवार की देर रात से सोमवार सुबह तक चली इस कार्रवाई में निगम की टीम ने दो अलग-अलग क्षेत्रों में घेराबंदी कर तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त कीं। हालांकि, कार्रवाई के दौरान खनन माफिया मौके से फरार हो गए।
पहली कार्रवाई उमरिया परियोजना परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 834 में की गई। टीम को सूचना मिली थी कि इस क्षेत्र में कुछ लोग रेत और मुरम का अवैध उत्खनन कर रहे हैं। जब वन विकास निगम की टीम मौके पर पहुंची तो खनन में शामिल लोग ट्रैक्टर-ट्रॉलियां छोड़कर भाग निकले। टीम ने मौके पर दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को कब्जे में लेकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखवाया।
दूसरी कार्रवाई चंदिया के जैतपुरी क्षेत्र में की गई। यहां भी टीम को अवैध खनन की गतिविधियों की जानकारी मिली थी। निगम की टीम ने देर रात इलाके में सघन गश्त करते हुए घेराबंदी की और एक ट्रैक्टर को जब्त किया। यहां भी ट्रैक्टर चालक टीम को देखकर वाहन छोड़कर भाग गया। वन विकास निगम की इस कार्रवाई में परियोजना अधिकारी और फील्ड स्टाफ सहित स्थानीय पुलिस ने भी सहयोग किया। टीम ने मौके पर ही अवैध खनन के संबंध में पंचनामा तैयार किया और जब्त किए गए वाहनों को परियोजना कार्यालय में जमा कराया।
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संभागीय प्रबंधक अमित पटौदी ने बताया कि तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। पकड़े गए वाहनों के संबंध में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया है। अमित पटौदी ने यह भी बताया कि निगम की गश्ती टीमें लगातार फील्ड में सक्रिय हैं और जिन क्षेत्रों में अवैध खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां तुरंत कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि अवैध खनन न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह क्षेत्रीय पारिस्थितिकी के संतुलन को भी बिगाड़ता है।
वन विभाग और वन विकास निगम की संयुक्त टीमों द्वारा जिले में समय-समय पर इस तरह की कार्रवाइयां की जा रही हैं, ताकि अवैध खनन की गतिविधियों पर अंकुश लगाया जा सके। अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में रेत और मुरम का खनन अधिक होता है, वहां अब विशेष निगरानी रखी जाएगी और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलते ही तुरंत छापेमारी की जाएगी। वन विभाग ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे अवैध खनन जैसी गतिविधियों की जानकारी तुरंत विभाग को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ सख्त दंडात्मक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।