पैगम्बर मोहम्मद साहब के यौमे विलादत के मुबारक दिन मुस्लिम धर्मावलंबी मस्जिद पहुंचकर परचम कुशाई की है। इस मौके पर हजारों की तादात में मुस्लिम धर्मावलंबी मौजूद रहे। सबसे पहले मुख्यालय स्थित अंजुमन हिमायते इस्लाम जामा मस्जिद में परचम कुशाई का कार्यक्रम किया गया, बाद में सभी कैम्प स्थित गौसिया मस्ज़िद पहुंचे, जहां सभी एक दूसरे के गले लगकर मुबारक बाद दी।
यहां भी नातखानी आदि कर हर्षोल्लास के साथ परचम कुशाई की गई। इस मौके पर लंगर आदि के भी तकसीम की व्यवस्था की गई थी। धार्मिक सद्भाव के प्रतीक का पर्व ईद मिलादुन्नबी में बड़े खुलूस और मोहब्बत के साथ हजारों की तादात में जुलूस निकाला गया। इस दौरान जगह जगह लंगर और पानी की माकूल व्यवस्था कमेटी के लोगों द्वारा की गई थी। जुलूस इमामबाड़ा, जयस्तम्भ, अस्पताल चौक, रणविजय चौक, मोहनपुरी, रमपुरी होते हुए उसी मार्ग से वापस होते हुए शांति मार्ग होकर जुलूस खलेसर पहुंचा।
बाद में वापस जुलूस जामा मस्जिद पहुंचा है। इस मुबारक मौके पर युवाओं और बच्चों में खासा उत्साह दिखा। इस मुबारक मौके पर युवाओं और मस्जिद कमेटियों ने अस्पताल पहुंचकर फल आदि वितरित किये साथ ही कई लोगों ने समाज हित मे ब्लड डोनेट भी किया है।
रात को आम लंगर और नातिया कलाम
इस्लामिक कलेंडर के तीसरे माह रबीउल अव्वल के 12वें दिन पैगम्बर साहब के पैदाइश का मुबारक दिन होता है। इस खास दिन मुस्लिम धर्मावलंबी बड़े खुलूस और मोहब्बत के साथ मस्जिदों में पहुंचते है और नात खानी कर परचम कुशाई करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में जुलूस आदि निकालकर लंगर की व्यवस्था की जाती है। इस दिन मुसलिम समुदाय में विशेष प्रार्थनाएं, समारोह और जश्न मनाए जाते हैं और पैगंबर मुहम्मद साहब के धार्मिक सद्भाव,शांति सहित उनकी दीनी शिक्षाओं को याद करते हैं।
इस खास दिन गरीब, यतीम, मरीज और ज़रूरतमंदों की मदद भी की जाती है। इस खास दिन दोनों मस्ज़िद के इमाम ने मुल्क की बेहतरी और उन्नति के लिए दुवाएं की है। पूर्व जामा मस्जिद सदर शेख सलीम खान, मेंहदी हसन, शेर मोहम्मद, अफसर अली, मंसूर अली, हाजी शाहिद, शकील खान, शेख नफीस, गुड्डू भाई (सहारा टेंट) ने बताया कि रात को समुदायिक भवन में आम लंगर और नातिया कलाम का एहतमाम किया गया है।