मां बिरासनी शक्तिपीठ में चढ़ी पाठ राखी
- फोटो : अमर उजाला
रक्षाबंधन के पावन पर्व पर बिरसिंहपुर पाली स्थित प्रसिद्ध मां बिरासनी शक्तिपीठ में शुक्रवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की आस्था उमड़ पड़ी। माता के दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे। रक्षाबंधन के अवसर पर मां बिरासनी को विशेष रूप से पाठ की राखी अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में राखी चढ़ाकर अपने और परिवार की सुख-समृद्धि, सुरक्षा और खुशहाली की कामना की।
सुबह होते ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। महिलाएं, पुरुष और बच्चे परिवार के साथ मां बिरासनी के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और माता के चरणों में श्रद्धा अर्पित की। रक्षाबंधन पर माता को राखी चढ़ाने को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह नजर आया। कई भक्त अपने घर से पूजा सामग्री और राखी लेकर मंदिर पहुंचे। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। इसी भावना के साथ श्रद्धालुओं ने मां बिरासनी के दरबार में पाठ की राखी अर्पित कर माता से परिवार की रक्षा की प्रार्थना की।
भक्तों का विश्वास है कि मां के चरणों में श्रद्धा के साथ राखी अर्पित करने से माता का आशीर्वाद परिवार पर बना रहता है और जीवन में सुख-शांति आती है। पूजा के बाद श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया और माता का आशीर्वाद लिया।
ये भी पढ़ें: भोपाल में बीएसएनएल के दो इंजीनियर को 1.50 लाख की रिश्वत लेते सीबीआई ने दबोचा
रक्षाबंधन के कारण मंदिर में सुबह से ही भक्तिमय माहौल रहा। मां बिरासनी के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा। श्रद्धालु कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। दिन बढ़ने के साथ भक्तों की संख्या भी बढ़ती गई। मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं में रक्षाबंधन को लेकर खास उत्साह दिखाई दिया। बहनों ने अपने भाइयों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों ने भी मां बिरासनी की पूजा कर आशीर्वाद मांगा।
मां बिरासनी शक्तिपीठ में रक्षाबंधन पर पाठ की राखी चढ़ाने की परंपरा श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते के पर्व के साथ माता की आराधना का यह संगम मंदिर परिसर में अलग ही आध्यात्मिक माहौल पैदा करता नजर आया। उमरिया जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां बिरासनी के दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने माता को राखी अर्पित कर अपने परिवार की रक्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।