उमरिया जिले में गांजा खुलेआम बिकता है, फिर भी पुलिस का दावा है कि शहर में गांजा है ही नहीं। हालांकि, इस बार पुलिस ने खुद साबित कर दिया कि जिले में न केवल गांजा बिकता है, बल्कि उगाया भी जाता है।
दरअसल, हाल ही में गांजे को लेकर एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद ही थाना प्रभारियों ने संज्ञान लिया और कार्रवाई की। यह पहला मामला नहीं है जब वरिष्ठ अधिकारियों के कहने के बाद ही पुलिस ने कार्रवाई की हो। पाली क्षेत्र में मुन्नी नाम की महिला गांजे के व्यापार के लिए मशहूर है। वह खुलेआम गांजे का व्यापार करती है, उस पर कई मामले दर्ज भी हो चुके हैं। फिर भी, पुलिस का कहना है कि वह अब व्यापार नहीं करती, जबकि पुलिस ने खुद उसे कई बार पकड़ा है।
इंदवार पुलिस की हालिया कार्रवाई ने उनके पहले के दावों को गलत साबित कर दिया। पहले पुलिस कहती थी कि यहां गांजा बिकता ही नहीं है, लेकिन अब उन्होंने खुद यह साबित कर दिया कि यहां न केवल गांजा बिकता है, बल्कि इसकी खेती भी होती है। पुलिस ने ग्राम दमोह के निवासी मुन्ना उर्फ प्रदीप गुप्ता के घर से 4.5 किलोग्राम गांजे का पौधा बरामद किया है। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है।
यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि पुलिस केवल वाहवाही के लिए कार्रवाई करती है। जब पुलिस को उचित लगता है, तब वह कार्रवाई करती है, और जब नहीं लगता, तो वह शिकायतों के बावजूद कार्रवाई से बचती है। उमरिया जिले के पाली क्षेत्र में मुन्नी खुलेआम गांजा बेच रही है, लेकिन उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।