एसडीएम पाली द्वारा अनुचित सजा के खिलाफ उमरिया जिले के सभी पटवारी सात जून से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इस बीच, उमरिया कलेक्टर डॉ. कृष्ण देव त्रिपाठी ने चार पटवारियों की सजा निरस्त कर दी है, लेकिन पटवारी संघ अब भी हड़ताल पर अडिग है। वह शेष 12 पटवारियों की सजा भी निरस्त करने की मांग कर रहा है।
जिला पटवारी संघ ने जिला कलेक्टर, संभाग के कमिश्नर और प्रदेश सरकार को ज्ञापन देकर अनुरोध किया था कि 16 पटवारियों पर गलत ढंग से की गई कार्रवाई को वापस लिया जाए, लेकिन जिला प्रशासन पर उनके आवेदन-निवेदन का कोई असर नहीं हुआ। इसके चलते जिला पटवारी संघ हड़ताल पर है। जिले में पटवारी से संबंधित सारे कार्य ठप हैं। जनता भटक रही है। जनसुनवाई में लोग सीमांकन के आवेदन दे रहे हैं, लेकिन सीमांकन का काम पटवारियों के हड़ताल पर होने की वजह से नहीं हो पा रहा है। वहीं, जिला कलेक्टर को 18 जुलाई को राजस्व रिकॉर्ड संधारण के मामले में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित भी किया जाना है।
इस बीच, कलेक्टर डॉ. कृष्ण देव त्रिपाठी ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाली द्वारा तीन जून को दिए गए स्पष्टीकरण तथा उसी दिन आदेश की पुष्टि करने के कारण पटवारियों को सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं मिलने के आधार पर चार पटवारियों की सजा को निरस्त कर दिया है। पाली तहसील की पटवारी गुड़िया बैगा, विनीता चतुर्वेदी और सूर्यप्रकाश सिंह तथा सीमा बैगा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाली द्वारा जारी कारण बताओ सूचना एवं उसी दिन सजा के आदेश की पुष्टि के संबंध में कलेक्टर न्यायालय में अपील की गई थी। पटवारियों ने कहा था कि स्पष्टीकरण का जवाब देने के लिए उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया तथा अधिरोपित सजा कथित लापरवाही के अनुपात में अत्यधिक है। कलेक्टर ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पाली के आदेश को निरस्त करते हुए संबंधित पटवारियों को पूर्ण निष्ठा एवं तन्मयता से दायित्वों के निर्वहन करने के निर्देश दिए।
हड़ताल खत्म करने को तैयार नहीं
वहीं, अभी भी जिले के पटवारी हड़ताल समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जब तक हमारे बाकी 12 साथियों की सजा निरस्त नहीं होगी हमारी हड़ताल जारी रहेगी। अब देखना होगा कि कब जिला प्रशासन इनकी हड़ताल समाप्त करवा पाता है।