उमाभारती बुरहानपुर में थीं। सम्मेद शिखर मामले में उन्होंने बयान दिया है।
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मध्यप्रदेश में जैन समाज के प्रमुख तीर्थ स्थल सम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने से समाजजनों में नाराजगी है। अब इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का बयाना सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कहीं न कहीं संवादहीनता के कारण ऐसा हुआ होगा। मोदी सरकार कभी ऐसा कर ही नहीं सकती, एक दो दिन में यह गलती ठीक हो जाएगी।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती बुधवार सुबह बुरहानपुर प्रवास पर पहुंची थीं। यहां जैन समाज के आक्रोश को देखते हुए उन्होंने कहा कि सम्मेद शिखरजी जैन समाज की आस्था का केंद्र है। वह पर्यटन स्थल नहीं तीर्थ स्थल ही हो सकता है। मुझे लगता है कि एक दो दिन में यह गलती ठीक हो जाएगी। जैन समाज के अनुयायी सम्मेद शिखर जी में मत्था टेकने जाते हैं। इसलिए कहीं न कहीं संवादहीनता के कारण ऐसा हो गया होगा।
पठान फिल्म को लेकर दी नसीहत
उमा भारती ने पठान फिल्म को लेकर उठ रहे विवाद पर कहा कि अगर फिल्म में कुछ गलत बताया गया है तो सेंसर बोर्ड उसे हटा देगा, लेकिन फिल्म बनाने वालों को भी ध्यान रखना चाहिए कि किसी की भावनाएं आहत न हों। किसी की भावनाओं को आहत कर फिल्म नहीं बनाना चाहिए।
उमा भारती ने कहा कि मैंने 2003 में ही बोला था कि जो भारत की धरती पर पैदा नहीं हुआ वो भारत में प्रधानमंत्री नहीं बन सकता। दरअसल उनसे भोपाल में गीतकार मनोज मुंतशिर के एक बयान विदेशी मां से पैदा बेटा राष्ट्रभक्त हो ही नहीं हो सकता को लेकर सवाल पूछा गया था। हालांकि उमा ने कहा कि मैं नहीं जानती मनोज मुंतशिर कौन है।
कांग्रेसियों को सिखाएं खरगे
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्ल्किार्जुन खरगे के विवादित बयान को लेकर उमा का कहना है कि वे काफी पुराने और संस्कारवान व्यक्ति हैं। उनको किसी तरह की असंयमित भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए। उन्हें तो कांग्रेस को सिखाना चाहिए कि एक संस्कारशील भाषा का प्रयोग कैसे किया जा सकता है।