जन्माष्टमी पर घर बैठे करें बाबा महाकाल के दर्शन।
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जन्माष्टमी पर आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्त अपने इष्टदेव के दर्शन के लिए देर रात 1 बजे से लाइन में लगकर बारी का इंतजार करते रहे। वहीं, बाबा महाकाल भक्तों को दर्शन देने के लिए रात 3 बजे जागे। जन्माष्टमी पर बाबा महाकाल को भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप में सजाया गया।
महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि पर शनिवार रात 3 बजे भस्म आरती हुई। इस दौरान वीरभद्र जी से आज्ञा लेकर मंदिर के पट खुलते ही पंडित-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी भगवान की प्रतिमाओं का पूजन किया।भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से किया गया। पूजन के दौरान प्रथम घंटा बजाकर ‘हरि ओम’ का जल अर्पित किया गया।
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पुजारियों और पुरोहितों ने इस दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को नवीन मुकुट और गुलाब की माला धारण कराई गई। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर भस्म अर्पित की गई।
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वहीं, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पर्व की मंदिर परिसर में विशेष ढंग से शुरुआत हुई। सुबह भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल ने मस्तक पर वैष्णव तिलक और मोर पंख धारण कर दर्शन दिए। बाबा महाकाल का पूजन-अर्चन कर उन्हें मोगरे की माला पहनाई गई। इन दिव्य दर्शनों का लाभ हजारों भक्तों ने लिया। पूरे मंदिर परिसर में "जय श्री महाकाल" और "जय श्रीकृष्ण" की गूंज सुनाई दी।