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Ujjain: राम के नाम से नफरत है ये समझ लेना तेरे बंगाल को लाहौर ना बनने देंगे, जानिए क्यों कही गई यह बात

Thu, 03 Oct 2024 09:57 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में शहीद पार्क के अभिव्यक्ति मंच पर सवैया सम्राट दूलेसिंह सिकरवार की स्मृति में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।  इस आयोजन मे कवियों ने देर रात तक श्रोताओं को अपनी कविता के मोहपाश में बांधे रखा। खास बात यह रही कि इस कवि सम्मेलन में किसी भी कवि ने अपने रचना पाठ में चुटकुलों का प्रयोग नहीं किया।
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उज्जैन में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजनीति में भी सिरमौर न बनने देंगे, देश में और कोई ठोर न बनने देंगे, राम के नाम से नफरत है ये समझ लेना, तेरे बंगाल को लाहौर न बनने देंगे। यह बात उज्जैन में शहीद पार्क के अभिव्यक्ति मंच पर सवैया सम्राट दूलेसिंह सिकरवार की स्मृति में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन के दौरान नरेंद्र सिंह अकेला ने कही। इस आयोजन मे कवियों ने देर रात तक श्रोताओं को अपनी कविता के मोहपाश में बांधे रखा। खास बात यह रही कि इस कवि सम्मेलन में किसी भी कवि ने अपने रचना पाठ में चुटकुलों का प्रयोग नहीं किया।
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दुलेसिंह सिकरवार स्मृति मंच के संयोजक श्यामसपी सिकरवार ने बताया कि राजेश सिंह कुशवाह की अध्यक्षता में सम्पन्न कवि सम्मेलन में अतिथि कलावती यादव सभापति नगर निगम, कलेक्टर नीरज सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा, पत्रकार राजेंद्र आगाल, पूर्व आईजी डॉ. रमन सिंह सिकरवार, पार्षद नीलम कालरा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संचालक सतीश सागर ने पैरोड़ी और मुक्तकों से कवि सम्मेलन को ऊंचाई प्रदान की। म प्र शासन संस्कृति विभाग के सौजन्य से कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। राजेश सिंह कुशवाह ने आभार व्यक्त किया।

- कवि सम्मेलन में फिरोजाबाद के पूर्व सांसद ओमपाल सिंह निडर ने एक घंटे तक देश के हालात और भविष्य को रेखांकित करते हुए शानदार धनाक्षरी छंद सुनाए।
- मैनपुरी के ओजस्वी कवि राम भदावर ने युवा शक्ति को जगाने के लिए ओज का रसपान कराया। देश को कमजोर करने वाली ताकतों को उन्होंने कविता के माध्यम से चुनौती दी।
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- प्रयागराज के व्यंग्यकार नजर इलाहाबादी ने खूब गुदगुदाया। पश्चिम बंगाल के डॉ. कर्ण सिंह जैन ने छंदों से अपना रंग जमाया।
- नरेंद्र सिंह अकेला ने उन्हें बंगाल के लिए चार पंक्ति समर्पित करते हुए कविता पाठ किया।
- रईस पानबिहारी ने अपने अशआरों और तरन्नुम से माहौल को शायरीमय बना दिया। गुजरात भुज से आईं मोनिका हठीला ने श्रंगार रस में डूब कर श्रोताओं को भी शृंगार रस में डुबोए रखा।
- प्रतापगढ़ के हरीश हंगामा ने यथानाम तथागुण के अनुसार हास्य की फुलझडिय़ां बिखेर कर अपना रंग जमाया।
- उज्जैन के व्यंग्यकार दिनेश दिग्गज ने हास्य का तानाबुना बुनते हुए श्रोताओं से ठहाके लगवाए।

कवि नरेंद्र सिंह अकेला का हुआ सम्मान
पत्रकारिता और काव्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए देश के लोकप्रिय आशु कवि नरेंद्र सिंह अकेला को उनकी बहुमुखी प्रतिभा के लिए दूलेसिंह सिकरवार सम्मान से सम्मानित किया गया। शॉल श्रीफल और 25,000 की सम्मान निधि भेंट की गई।

 

 

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