चिंतामन गणेश मंदिर के गर्भगृह की दीवारों को चांदी से सजाया गया।
- फोटो : अमर उजाला
विश्व प्रसिद्ध चिंतामन गणेश मंदिर की भव्यता अब और बढ़ गई है। एक गुप्त दानदाता ने करीब 35 किलो चांदी दान कर मंदिर के गर्भगृह को चांदी की आभा से सजा दिया है। 85 लाख से अधिक की लागत से गर्भगृह की दीवारों पर आकर्षक नक्काशी और वर्क कराया गया है। 15 दिन में पूरा हुए इस कार्य के बाद गर्भगृह पहले से कहीं अधिक भव्य और दिव्य नजर आ रहा है।
महाकालेश्वर मंदिर से करीब 6 किलोमीटर दूर ग्राम जवास्या में स्थित प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर का गर्भगृह अब चांदी की चमक से दमक रहा है। मंदिर प्रशासक अभिषेक शर्मा के अनुसार, उज्जैन के ही एक श्रद्धालु ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर करीब 85 लाख रुपये से अधिक मूल्य की 35 किलो चांदी दान की। इस चांदी से कारीगरों ने विशेष डिजाइन की नक्काशी तैयार की और फिर उसे गर्भगृह की दीवारों पर स्थापित किया। पूरा कार्य करीब 15 दिनों में संपन्न हुआ।
ये भी पढ़ें-
जटाशंकर में दिखा प्रकृति का अद्भुत श्रृंगार: गोमुख की धार हुई तेज, श्रद्धालुओं ने किया भगवान शंकर का जलाभिषेक
चांदी के इस भव्य कार्य के बाद गर्भगृह की आध्यात्मिक आभा और स्थापत्य सुंदरता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं को गर्भगृह पहले से ज्यादा आकर्षक और अलौकिक दिखाई दे रहा है। चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन के प्राचीन और प्रमुख आस्था केंद्रों में से एक है। मान्यता है कि यहां भगवान गणेश के तीन स्वरूप स्वयंभू रूप में विराजमान हैं। चिंतामण स्वरूप भक्तों की चिंताएं दूर करते हैं, इच्छामन मनोकामनाएं पूरी करते हैं, जबकि सिद्धिविनायक सफलता और सिद्धि देते हैं। वर्षभर देशभर से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए आते हैं।
एक श्रद्धालु ने गुप्त दान में 35 किलो चांदी दी है, जिसकी कीमत 85 लाख से ज्यादा है। 15 दिन में चांदी की नक्काशी का काम पूरा किया गया। इससे गर्भगृह की भव्यता कई गुना बढ़ गई है। श्रद्धालुओं को अब दिव्य अनुभूति हो रही है।
- अभिषेक शर्मा, प्रशासक, चिंतामन गणेश मंदिर
गर्भगृह में लगाई चांदी