उज्जैन जिला कांग्रेस प्रभारी शोभा ओझा प्रेस वार्ता करते हुए
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उज्जैन जिला कांग्रेस प्रभारी शोभा ओझा ने मंगलवार शाम को मीडिया से चर्चा की। लगभग 17 दिन से चल रहे एक ऐसे मामले का पटाक्षेप करवा दिया, जिसकी शिकायत भोपाल में कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को की गई थी। इस मामले को उज्जैन जिला कांग्रेस प्रभारी शोभा ओझा ने सिर्फ यह कहकर समाप्त करवा दिया कि बर्खास्त किए गए शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने अल्पसंख्यक समाज, कांग्रेस नेत्री नूरी खान और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से माफी मांग ली है। अब किसी को भी उनसे कोई गिला शिकवा नहीं है, जिसकी रिपोर्ट प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को भेज दी जाएगी। उसके बाद वह इस मामले में अपना फैसला सुनाएंगे।
18 जून 2023 को शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया का ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कांग्रेस नेत्री नूरी खान के एक समर्थक से फोन पर बात करते हुए सुनाई दिए थे की धार्मिक नगरी उज्जैन मे किसी मुस्लिम नेता को टिकट नहीं मिल सकती है। कांग्रेस नेत्री नूरी खान भले ही कार्यकताओं को भोपाल ले जाएं या और कुछ प्रयास करें। लेकिन यहां से किसी भी मुस्लिम नेता को टिकट मिलने वाला नहीं है। इस ऑडियो में वरिष्ठ कांग्रेसी नेता बटुकशंकर जोशी को भी बुरा भला कहा गया था, जिसकी शिकायत भोपाल में प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ को की गई थी।
उसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं संगठन मंत्री राजीव सिंह ने एक नोटिस जारी कर पहले शहर कांग्रेस अध्यक्ष रवि भदौरिया से स्पष्टीकरण मांगा था। उसके तत्काल बाद उन्हें एक अन्य पत्र जारी कर तत्काल प्रभाव से हटा दिया था। 18 जून के बाद इस पूरे मामले में पार्टी स्तर पर कार्रवाई की गई, जिसमें भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव और प्रदेश के प्रभारी कुलदीप इंदौरा और एक अन्य प्रभारी इस पूरे मामले में जांच करने आए थे। लेकिन पूरे मामले मे 17 दिन बीतने के बाद मंगलवार को उज्जैन जिला कांग्रेस प्रभारी शोभा ओझा ने पत्रकार वार्ता लेते हुए कहा कि मामले में प्रभारी द्वारा की गई जांच के बाद अपना पक्ष प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ के सामने रख दिया गया है। बर्खास्त किए गए शहर अध्यक्ष रवि भदौरिया ने इस पूरे मामले मे अल्पसंख्यक समाज, कांग्रेसी नेत्री नूरी खान के साथ ही वरिष्ठ नेताओं से भी माफी मांग ली है।
जिला कांग्रेस प्रभारी शोभा ओझा तो पत्रकार वार्ता कर चली गई, लेकिन पत्रकारों के बीच चर्चा बनी हुई है कि अगर सिर्फ माफी मांगने से ही क्या पूरा मामला समाप्त होना था तो फिर 17 दिन तक इस मामले का इतना हो हवा क्यों बनाया गया। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष इस मामले में जो भी आदेश दें, लेकिन इससे पूरे प्रदेश में कांग्रेस की जो छवि खराब हुई है, ऐसे में पदाधिकारियों और कार्यकताओं के बीच इससे क्या संदेश जाएगा।