उज्जैन शहर के कोने-कोने में अतिक्रमण फैला हुआ है, जिसको लेकर नगर निगम के अमले की ओर से समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। लेकिन इन दिनों नगर निगम के अमले की नजर सिर्फ छत्री चौक गोपाल मंदिर क्षेत्र में टिकी हुई है।
बता दें कि यहां पर छह महीने पहले से ही सभी ठेले वाले दुकानदार और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले व्यापारियों को यह बोलकर हटाया गया था कि उन्हें शहर में उचित स्थान पर स्थापित कर दिया जाएगा। लेकिन अभी तक किसी भी दुकानदार को कोई भी जगह आवंटित नहीं की गई, जिसको लेकर सभी व्यापारी भूखे मरने की नौबत पर आ गए हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का मंच से यह बयान की किसी भी ठेले वालों को सड़क से नहीं हटाया जाएगा और न ही उनसे नगर निगम द्वारा कोई कर वसूला जाएगा। दुकानदारों की दुखती नस पर हाथ रखने के सामान है, जिसको लेकर छत्री चौक पर ठेला लगाकर अपना जीवन-यापन करने वाले दुकानदारों ने उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक पारसचंद जैन से बात करके फिर से अपनी दुकान लगाना आरंभ कर दिया।
लेकिन पूरे शहर में फैले हुए अतिक्रमण को छोड़कर नगर निगम की टीम को फिर से छत्री चौक की दुकाने नजर आ गईं और उन्हें हटाने अतिक्रमण की टीम पहुंच गई। इसको लेकर छत्री चौक पर दुकानदारों व नगर निगम की टीम के बीच काफी देर तक गहमा-गहमी बनी रही। लेकिन नगर निगम की टीम द्वारा दुकानदारों को वहां से हटा दिया गया, जिसको लेकर सभी व्यापारी छत्री चौक पर ही भरी धूप के बीच में भूख हड़ताल पर धरना देने बैठ गए और मांग की है कि जब तक हमें उचित स्थान पर अपनी दुकानें लगाने की व्यवस्था नहीं होती है, हम यहां से नहीं हटेंगे।