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Ujjain: भारत को ओलंपिक पदक दिलाने वाली साक्षी और सत्यव्रत पहुंचे महाकाल, कहा- महिलाएं कुश्ती में भाग्य आजमाएं

Fri, 24 May 2024 01:08 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, उज्जैन

सार

2016 के ओलंपिक में भारत को कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक और 2010 में ओलंपिक मैं भारत का प्रतिनिधित्व कर कांस्य पदक जीत चुके पहलवान सत्यव्रत कादियान महाकाल के दरबार में पहुंचे। दोनों ने बाबा के दर्शन किए। 
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कुश्ती में पदक विजेता पहलवानों ने किए बाबा महाकाल के दर्शन - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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वैसे तो विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में प्रतिदिन के वीआईपी का जमावड़ा लगे रहता है, लेकिन आज बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने देश के वह दो पहलवान पहुंचे। जिन्होंने ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक जिताकर पूरे देश का नाम गौरवान्वित किया था। 
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श्री महाकालेश्वर मंदिर के सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने बताया कि वर्ष 2016 के ओलंपिक में भारत को कुश्ती प्रतियोगिता में कांस्य पदक दिलाने वाली साक्षी मलिक आज पहलवान सत्यव्रत कादियान जो कि 2010 में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कांस्य पदक जीत चुके हैं, के साथ महाकालेश्वर मंदिर पहुंची थीं। जहां आपने नंदी हॉल से बाबा महाकाल के दर्शन किए और पुजारी पंडित शैलेंद्र शर्मा के माध्यम से बाबा महाकाल का पूजा दर्शन भी किया। सुबह लगभग 11 बजे बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे साक्षी और सत्यव्रत बाबा महाकाल की भक्ति में लीन दिखाई दिए। यहां बाबा महाकाल का पूजा दर्शन करने के बाद आप कोटि तीर्थ स्थित भैरव मंदिर पर पूजन करने भी पहुंचे जहां साक्षी ने भैरव जी के कानों में अपनी मनोकामना कही।

मीडिया से चर्चा करते हुए साक्षी ने कहा जैसा सोच कर आई थी, उससे भी अच्छी व्यवस्था श्री महाकालेश्वर मंदिर की है। यहां बाबा महाकाल के काफी अच्छे दर्शन हुए। मेरा पूरा परिवार खुशहाल रहे और आगे बढ़ता रहे, बस यही बाबा महाकाल से मैंने कामना की है। आपने कहा कि ओलंपिक में तो खिताब जीत लिया है, लेकिन अब खुद के अखाड़े को आगे बढ़ाना चाहूंगी। आपने महिलाओं को संदेश दिया कि जब आप हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं तो फिर कुश्ती में भी अपना भाग्य जरूर आजमाएं। 
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साक्षी और सत्यव्रत में बढ़ाया था देश का मान
याद रहे कि साक्षी मलिक ने वर्ष 2016 में ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कांस्य पदक जीता था और इसके साथ ही वे ओलंपिक में पदक जीतने वालीं पहली महिला का गौरव प्राप्त कर चुकी हैं। अब बात सत्यव्रत कादियान की की जाए तो उन्होंने वर्ष 2010 में पहली बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया था और कांस्य पदक जीता था। जिसके बाद आपने वर्ष 2014 में राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता और वर्ष 2017 में आपको अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया। 
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