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Ujjain: 11KV का तार टूटकर सड़क पर गिरा, पानी में करंट फैलने से बाइक सवार चाचा की मौत; दो भतीजे बाल-बाल बचे

Mon, 06 Jul 2026 12:51 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन में तेज बारिश के दौरान हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। करंट फैलने से बाइक सवार 35 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके दो भतीजों ने कूदकर अपनी जान बचा ली।
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11 केवी की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उज्जैन में रविवार रात हुई तेज बारिश एक परिवार के लिए खौफनाक हो गई। हरिफाटक चौराहे के पास शिप्रा ढाबा के सामने 11 केवी की हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर सड़क पर गिर गया। बारिश के पानी में करंट फैल गया और इसी की चपेट में आने से बाइक सवार 35 वर्षीय युवक छोटू उर्फ आशिक पटेल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
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बताया जाता है कि मृतक आशिक पटेल ग्राम बलोद के निवासी थे। रविवार रात वो अपने दो भतीजों के साथ उज्जैन बाजार में खरीददारी कर बाइक से वापस लौट रहे थे। गोल्डन पेट्रोल पंप से पेट्रोल भरवाने के बाद जैसे ही वो हरिफाटक चौराहा पार कर रहे थे, सड़क पर भरे पानी में उन्हें तेज झटका लगा।
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आनन-फानन में दोनों भतीजे बाइक से कूद गए और अपनी जान बचाने में कामयाब रहे। लेकिन दुर्भाग्य से आशिक का पैर बाइक में फंस गया। वो करंट की चपेट में आकर सड़क पर गिर पड़े और करीब आधा घंटे तक तड़पते रहे। करंट फैला होने की वजह से राहगीर भी उन्हें छूने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

आधा घंटे बाद पहुंची मदद, तब तक देर हो चुकी थी
घटना की सूचना मिलते ही नीलगंगा थाना पुलिस और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने तुरंत बिजली सप्लाई बंद करवाई। इसके बाद आशिक को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

नीलगंगा थाना प्रभारी तरुण कुरील ने बताया कि मृतक दो भतीजों के साथ जा रहा था। तार टूटने से सड़क पर करंट फैल गया था। भतीजे कूद गए लेकिन आशिक फंस गया। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
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चार लाख की आर्थिक सहायता
इस हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने मृतक के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने पीड़ित परिवार को तत्काल 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। वहीं, स्थानीय लोगों का आरोप है कि बारिश से पहले बिजली विभाग ने तारों और खंभों की जांच नहीं की। जर्जर तारों की वजह से आए दिन हादसे हो रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर कब तक बारिश में सड़कें मौत का जाल बनती रहेंगी ?
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