उज्जैन के माकड़ौन थाना क्षेत्र में रहने वाली एक नाबालिग सुबह घर से अचानक कहीं गायब हो गई थी। परिजनों ने उसे खोजने का काफी प्रयास किया, लेकिन जब नाबालिग नहीं मिली तो परिजन थाने पहुंचे। जहां उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी।
परिजनों के साथ ही पुलिस भी गुमशुदा की तलाश में जुटी हुई थी। लेकिन जब वह शाम को वापस लौटी तो उसने बताया कि मेरे साथ गांव में ही रहने वाले तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया है। पूरे मामले में माकड़ौन थाना पुलिस ने दुष्कर्म के साथ पॉक्सो एक्ट में प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसडीओपी भविष्य भास्कर ने बताया कि तराना तहसील के माकड़ौन थाना अंतर्गत रहने वाली 17 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने घर से बुधवार को अचानक कहीं गायब हो गई थी। इस मामले में पुलिस और परिजन नाबालिग को खोज ही रहे थे कि तभी वह खुद शाम को घर पहुंच गई और उसने परिवार के साथ आकर थाने में सामूहिक दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि गांव में रहने वाले समाज का लड़का बहला फुसलाकर उसे अपने साथ ले गया था। वहां पर उसके साथ दो अन्य लड़के भी आ गए, जिसके बाद तीनों ने मिलकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। माकड़ौन थाना पुलिस ने गांव के ही रहने वाले गोविन्द गुर्जर, विनोद गुर्जर और दिनेश गुर्जर के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
मेडिकल करवाया, न्यायालय में दिए कथन
सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले में पुलिस ने नाबालिग का मेडिकल करवाया और उसके बाद तराना न्यायालय में नाबालिग को पेश किया था। जहां पर माननीय न्यायाधीश के समक्ष उसके बयान भी हो चुके हैं।