उज्जैन में लोगों की शिकायत पर यातायात में पदस्थ एक सैनिक ने ड्यूटी के दौरान बगैर नंबर की बुलेट के चालक को हाथ देकर रोकने का प्रयास किया था। लेकिन बुलेट चला रहे युवक ने सैनिक के हाथ देने पर रुकने की बजाय अपनी बुलेट की रफ्तार और भी तेज कर ली। सैनिक ने जब बुलेट को रोकने का प्रयास किया तो चालक और भी गुस्सा हो गया और उसने बुलेट सैनिक के पैर पर चढ़ा दी। बाद में पॉइंट पर तैनात अन्य पुलिसकर्मियों की मदद से बुलेट सवार सभी लोगों को पकड़ तो लिया गया, लेकिन इस घटना में सैनिक को चोट आई है।
माधवनगर थाना पुलिस ने बताया कि गजेन्द्र पिता नाथू सिंह सिसौदिया निवासी इंदिरानगर नागझिरी यातायात में बतौर सैनिक के पद पर पदस्थ हैं। वह दोपहर को यातायात एएसआई सियाराम गौतम और टीम के फ्रीगंज ब्रिज के समीप डॉ. भोरास्कर क्लीनिक के सामने वाहन चेकिंग पाइंट पर ड्यूटी कर रहे थे। उसी दौरान उन्हें ब्रिज से टॉवर की ओर आती एक बुलेट दिखाई दी, जो कि माडिफाइड थी और इसका साइलेंसर भी पटाखे की तरह आवाज कर रहा था। सैनिक गजेंद्र को रास्ते से निकलने वाले कुछ लोग इस बुलेट चालक की शिकायत कर चुके थे कि बुलेट चालक ठीक से गाड़ी नहीं चल रहा है और लोगों को परेशान कर रहा है।
शिकायत के बाद गजेंद्र ने जब उक्त बुलेट पर सवार तीन युवकों को रोकने का प्रयास किया तो बुलेट चालक ने रफ्तार तेज कर दी। साथ ही वह सैनिक के पैर पर बुलेट चढ़ाता हुआ भागने का प्रयास करने लगा। सैनिक गजेन्द्र के घायल होने पर एएसआई गौतम, क्रेन चालक ने कुछ लोगों की मदद से भाग रहे बुलेट चालकों का पीछा किया और पकड़ा। मामले की सूचना कंट्रोल रूम को दी गई।
माधवनगर थाने से बीट पार्टी मौके पर पहुंची और तीनों को हिरासत में लिया गया। सैनिक के घायल होने पर उपचार के लिये अस्पताल पहुंचाया गया, जिसके बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने की धारा- 353, 332, 294, 34 का प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि बुलेट चालक विनय पिता राजकुमार प्रजापत निवासी दरबार कोठी के पास आगर उसके साथी महिपाल पिता जितेन्द्र सिंह गेहलोत निवासी शास्त्रीनगर और अंकित पिता भरत पाटीदार निवासी स्टेशन रोड मक्सीरोड शाजापुर होना सामने आये हैं।