कभी कुछ अपराध जाने-अनजाने में हो जाते हैं, जिनका बाद में पश्चाताप के अलावा कोई चारा नहीं बचता। ऐसे अपराधों की सजा काट रहे भैरवगढ़ के बंदियों के लिए जेल प्रशासन ने अनोखी पहल की है। उज्जैन की भैरवगढ़ जेल में कैदी सोलह श्राद्ध के दिनों में तर्पण कर रहे हैं। सोलह श्राद्ध के दिनों में जेल प्रशासन ने जेल में बंद कैदियों को तर्पण की अनुमति दी है। पूजन भी मात्र औपचारिक रूप से नहीं, बल्कि विधि विधान से कराया जा रहा है। यह कर्मकाण्ड पं. श्याम पंचोली घोड़ी वाला गुरु द्वारा करवाया गया। तर्पण कर्म के पूजन में करीब 90 से अधिक बंदी शाामिल हुए, जिसमें 22 महिला बंदी भी शामिल थी। तर्पण की यह प्रक्रिया जेल के अंदर ही सम्पन्न करवाई गई।
जेल अधीक्षक मनोज कुमार साहू ने बताया कि जेल के बंदियों को समस्त धार्मिक प्रक्रियाओं में शामिल होने का मौका दिया जाता है। तर्पण कर्म का पूजन भी इसी के तहत किया गया है। पूजन में शामिल बंदियों में कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने भूलवश किसी की हत्या कर दी और अब वे पश्चाताप वश मृत आत्मा की शांति के लिए तर्पण कर रहे हैं।