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उज्जैनः नए साल में रेल यात्रियों को तोहफा, नए रूट से दौड़ेंगी ट्रेनें, 18 गांवों को होगा फायदा

Tue, 22 Dec 2020 03:52 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
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ट्रेन - फोटो : social media
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मध्यप्रदेश के उज्जैन से फतेहाबाद और कड़छा जाने वाले यात्रियों को भारतीय रेल तोहफा देने जा रही है। दरअसल इन रेल रूटों पर दोहरीकरण का काम पूरा हो गया है। अब कमिश्नर रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) के द्वारा इसके निरीक्षण की तैयारियां चल रही हैं।

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रेलवे अधिकारियों ने बताया कि  निरीक्षण करने के बाद जनवरी से ही इस रूट पर ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा। बता दें कि उज्जैन-फतेहाबाद के बीच एक ट्रक होने के कारण ट्रेनों के आवागमन में काफी समस्याएं आ रही थी इस वजह से रेलवे ने 2014 से ट्रेनों के संचालन पर रोक लगा दी थी।  ऐसे में 7 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यात्रियों के लिए यह किसी खुशी से कम नहीं है।

गेज परिवर्तन होने के बाद उज्जैन और इंदौर के बीच रेल रूट की दूरी अब 18 किमी कम हो जाएगी। इससे 18 से अधिक गांवों जैसे जवासिया, हासामपुरा, बिंद्राज, खेड़ा, गोंदिया, लिंबा पिपल्या, लेकोड़ा, राणाबड़, कांकरिया, चिराखान, शिवपुरा खेड़ा, रालामंडल, बालरिया, तालोद, उमरिया, टंकारिया, धर्माट के यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
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रेलवे के अनुसार 22 किलोमीटर लंबे मार्ग का गेज परिवर्तन करने में  करीब 250 करोड़ रुपये की लागत आई है। रेलवे ने इस मार्ग पर कई सुविधाएं दी हैं। यात्रियों की सुविधाओं के लिए 3 बड़े पुल व 26 छोटी पुलियाएं बनाई गई हैं। इसके अलावा दो स्टेशन भी बनाए गए हैं।

इनमें उज्जैन में चिंतामन स्टेशन के अलावा लेकोड़ा फ्लैैैग स्टेशन बनाया गया है। चिंतामन स्टेशन पर दो मंजिला भवन का निर्माण किया गया है। इसके अलावा 600 मीटर अधिक लंबा प्लेटफॉर्म बनाया गया है, जहां 24 कोच की ट्रेन आसानी से खड़ी की जा सकेगी।  

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इन समस्याओं का करना पड़ता था सामना
उज्जैन से इंदौर के बीच केवल एक ही ट्रैक होने के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन में काफी समस्याएं आती थी। कई बार ट्रैक पर मालगाड़ी अथवा यात्री ट्रेन होने के कारण दूसरी ट्रेनों को देवास या फिर इंदौर में ही रोक दिया जाता था। दोहरीकरण होने के बाद अब इस ट्रैक पर ट्रेनों या फिर मालगाड़ी को रोकना नहीं पड़ेगा।

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