उज्जैन में ईदुज्जुहा पर बकरों की खरीद जोरों पर है।
- फोटो : अमर उजाला
इस वर्ष भले ही बकरीद (ईदुज्जुहा) पर्व रविवार और सोमवार को मनाया जाएगा लेकिन इस त्यौहार को लेकर बकरों की खरीदारी शुरू हो चुकी है। उज्जैन में लगने वाले पशु बाजार में इसकी रौनक साफ तौर पर देखने को मिली, जिसमें दूर-दूर से बकरे की खरीदी करने आए ग्राहकों ने बकरों की सेहत तो देखी ही साथ ही उनके दांत और सिंग देखकर पता लगाया कि बाजार में बेचे जा रहे हैं बकरे कितने स्वस्थ है? यह कुर्बानी लायक है भी या नहीं?
कार्तिक मेला ग्राउंड क्षेत्र में लगे पशु बाजार में बकरों का विक्रय करने आए व्यापारी मोहम्मद आफताब ने बताया कि दाऊदी बोहरा समाज रविवार को ईदुज्जुहा पर्व यानी की बकरीद मनाएगा। मुस्लिम समुदाय सोमवार को बकरों की कुर्बानी देगा। बकरीद पर कुर्बानी का विशेष महत्व है, इसी वजह से खरीदारी भी शुरू हो चुकी है। पशु बाजार में पूरे संभाग से कई लोग बकरे की खरीदारी करने पहुंचे। उन्होंने बकरों के दांत-सिंग देखकर उनकी सेहत का पता लगाया। मोल-भाव कर बकरा खरीद कर ले गए। आफताब ने बताया कि इस बार मार्केट में देशी-विदेशी, तोतापरी, अजमेरी, बाबरी और सबसे खास दुंबा बकरों की नस्लें बिक रही हैं। उनकी कीमत हजारों से लाखों रुपये तक है। एक क्विंटल से ऊपर का बकरा लगभग डेढ़ लाख रुपए से अधिक कीमत में बिका। बाजार में वजनी बकरों की बजाय छोटे बकरे अधिक मात्रा में बेचे जा रहे थे जिसकी ग्राहकी भी अधिक रही।
तो कुर्बानी नहीं होती कबूल
बताया जाता है कि कुर्बानी देने वाले लोग पहले बकरों की जांच करते हैं। उसके बाद इन्हें खरीदते हैं। ऐसा माना जाता है कि यदि बकरे में कोई कमी होती है तो उसकी कुर्बानी नहीं दी जा सकती है। उसका शवाब नहीं मिलता है।