उज्जैन में करीब आठ साल पहले एक लाइनमैन तराना में लाइट सुधारने गया था। तब उसने क्षेत्र के ही एक व्यक्ति को बिना किसी सावधानी के उपकरण दिए विद्युत डीपी पर चढ़ा दिया था, जिससे युवक करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई थी। इस मामले में साल 2015 में तराना थाना पुलिस ने मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर लाइनमैन के खिलाफ विभिन्न धाराओ में मामला दर्ज कर लिया था। इसमें आरोपी को 18 महीने का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।
जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खांडेगर ने बताया, 26 मई 2015 को सुनिल पाटीदार ने तराना थाना को सूचना दी थी कि उसका भाई राकेश करंट लगने से मर गया है। लाइनमैन कैलाश द्वारा डीपी पर चढ़ाया गया और सावधानी के कोई उपकरण नहीं दिए गए। रिपोर्ट पर मर्ग कायम कर जांच के दौरान सुनिल, संतोष, देवनारायण और शिवनारायण के बयान के बाद पुलिस थाना तराना द्वारा लाइनमैन कैलाश के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना की कार्रवाई पूर्ण कर अभियोग पत्र पेश किया गया।
इस पर न्यायालय चेतन बजाड, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तहसील तराना के न्यायालय द्वारा आरोपी कैलाश पिता कन्हैयालाल, निवासी कनासिया, उज्जैन को धारा-304 ए भादवि में 18 महीने का सश्रम कारावास और एक हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया। विशेष रूप से टिप्पणी करते हुए यह लिखा है कि आरोपी विद्युत मंडल का शासकीय कर्मचारी है, जिस पर सावधानी के संबंध में अधिक जिम्मेदारी होती है। उससे इस प्रकार की लापरवाही अपेक्षित नहीं है।