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Ujjain: रौब देख असली पुलिस भी रह गई हैरान, खाकी वर्दी और हाथ में हथियार, नकली आरक्षक ने 14 लोगों से ठगे 34 लाख

Mon, 06 Jan 2025 10:45 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

मध्य प्रदेश के उज्जैन में पुलिस की वर्दी पहनकर और सोशल मीडिया पर रील बनाकर रौब दिखाने वाले नकली पुलिस आरक्षक विशाल उर्फ लखन को गिरफ्तार किया गया। उसने डेढ़ साल में 14 लोगों से 34 लाख 17 हजार रुपये की ठगी की।
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ठगी का आरोपी नकली पुलिस आरक्षक गिरफ्तार। - फोटो : ठगी का आरोपी नकली पुलिस आरक्षक गिरफ्तार।
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विस्तार
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खाकी वर्दी कंधे पर सितारे और हाथों में हथियार के साथ पुलिस की तरह ही रौब दिखाने वाले एक युवक ने ठगी का कुछ ऐसा जाल बिछाया की डेढ़ वर्षों में लगभग 14 लोग उसके झांसे में आ गए। आरोपी ने इन लोगों से अलग-अलग काम करवाने के नाम पर लगभग 34 लाख 17 हजार रुपये की ठगी की। इस पूरे मामले की शुरुआत राघवी थाने में हुई एक धोखाधड़ी की रिपोर्ट से हुई थी, जिसके बाद जब आरोपी गिरफ्त में आया तो पुलिस खुद इस नकली पुलिस आरक्षक की करतूत देखकर हैरान रह गई।

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पूरे मामले का खुलासा करते हुए एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि विशाल पिता अजय मूल निवासी ग्राम जगोटी हाल मुकाम देवास उम्र 28 वर्ष ने कुछ समय पहले उज्जैन के ढांचा भवन और नागझिरी क्षेत्र में रहने वाले एक परिवार को राघवी क्षेत्र में प्राधिकरण की कॉलोनी शिवांगी परिसर में प्लांट दिलाने के नाम पर उन्हें अपने झांसे में लिया था। विशाल ने प्राधिकरण के सीईओ से अच्छी बातचीत होने की बात कहकर इन लोगों से लगभग 13,55,000 ले लिए थे। जब वह प्लाट नहीं दिला पाया तो फरियादी लगातार उस रुपये मांग रहा था और रुपये न देने पर उसने विशाल के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज करवाया था। इस मामले में आरोपी के खिलाफ थाना राघवी में अप. क्र. 192/2024 धारा 420, 419, 406 के तहत प्रकरण दर्ज होने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी जिसे उज्जैन के रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया था। 

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पुलिस की तरह रहता और रौब दिखाने के लिए सोशल मीडिया पर बनाता था रील
आरोपी विशाल उर्फ लखन अपने आपको पुलिस में होने का विश्वास दिलाने के लिए पुलिस की वर्दी में अधिकतर फोटो खिंचवाता और इन्हें सोशल मीडिया पर डालता था। उसने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर ऐसी काफी रील डाल रखी है, जिसमें वह असली पुलिस की तरह खाकी वर्दी पुलिस बेल्ट... हाथों में हथियार और कंधे पर सितारे के साथ नजर आ रहा है। पुलिस को जांच के दौरान पता चला है कि उसने जिला शाजापुर से पुलिस विभाग के आरक्षक पद का नकली पुलिस आईडी कार्ड बनवाया और इसे अपनी असली पहचान की तरह इस्तेमाल किया। आरोपी पुलिस की वर्दी पहनकर खुद को एक सच्चा पुलिसकर्मी दिखाता था, जिससे आम जनता उस पर भरोसा कर लेती थी।

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इनके साथ हुई ठगी की वारदात
आरोपी विशाल ने झांसा देकर कुल 14 लोगों से 34 लाख 17,000 रुपये की ठगी की, जिसमें निलेश चौहान से प्लाट व दुकान दिलवाने के नाम पर 10,05,000 रुपये, भूपेश से 30,0000 रुपये, शुभम गाता से 3,70,000 रुपये प्लॉट के नाम पर लिए, कृष्णकांत शर्मा से 2,88,000 रुपये दूकान के नाम पर, कमल प्रजापत से 1,44,000 रुपये प्लॉट के नाम पर, लाखनसिंह चौधरी से 10,0000 रुपये, लक्ष्मण शर्मा से 60,000 रुपये, अशोक से 1,20,000 रुपये, पातक  20,000 रुपये, विक्रम पटेल से 20,0000 रुपये, लेखराज गोपलानी से 60,000 रुपये, विकास पटेल से 30,0000 रुपये, अमित पोरवाल से 30,0000 रुपये, जबरिया से 1,50, 000 रुपये की ठगी की।

इसीलिए बन गया नकली पुलिसवाला 
बताया जाता है कि विशाल पुलिस की परीक्षा में असफल हो गया था। उसने यह बात किसी को नहीं बताई थी। उसे इस बात की जानकारी थी कि पुलिस के अधिकारी किस तरीके से रहते हैं और उनका रहन-सहन रुतबा आखिर क्या होता है। बस इसी का फायदा उठाकर वह किसी को अपनी ड्यूटी उज्जैन तो किसी को शाजापुर और किसी को इंदौर, देवास बताई थी। उसने तो अपने पुलिस मित्रों को भी इस बात से अनजान रखा था कि वह पुलिस में नहीं है। इन दोस्तों के हथियारों के साथ फोटो खिंचवाकर उसने इनका गलत उपयोग किया और सोशल मीडिया पर इन्हें वायरल कर दिए थे।

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