उज्जैन में बिरलाग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम नायन निवासी मोहन पिता गिरधारीलाल की मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। पति के अंतिम संस्कार को लेकर मृतक की तीन पत्नियां थाने पहुंच गई। जबकि मृतक के बेटे ने पिता की हत्या का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है, मृतक मोहन पिता गिरधारीलाल की रविवार रात को मौत हो गई थी। उसके बाद मृतक की तीनों पत्नियां पति के अंतिम संस्कार को लेकर अड़ी रहीं। इधर, मृतक के बेटे जितेंद्र ने समाजजनों के साथ मिलकर बिरलाग्राम थाने का घेराव कर दिया। उसके बाद पुलिस ने पहली पत्नी को शव सौंपने व दूसरी पत्नी को अंतिम संस्कार में शामिल करने पर सहमति जताई। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी अस्पताल में पीएम के समय दोनों थानों का पुलिस फोर्स तैनात किया गया।
सुनियोजित तरीके से हुई पिता की हत्या
मृतक के पुत्र जितेंद्र का आरोप है कि पिता की दूसरी पत्नी और बेटी ने सुनियोजित तरीके से हत्याकांड को अंजाम दिया है। इस मामले में देर रात तक हंगामा चलता रहा। उचित सुनवाई नहीं हुई तो समाजजनों ने थाना घेर लिया। इस दौरान टीआई देशबंधु सिंह तोमर ने दोनों पक्षों से अलग-अलग चर्चा की। चर्चा के दौरान मृतक की पहली पत्नी को शव सौंपने और अंतिम यात्रा में दूसरी पत्नी और उसके बच्चों के शामिल होने पर सहमति बनी। जितेंद्र ने बताया कि दूसरी पत्नी ने कुछ दिनों पूर्व पिता मोहन के मकान और जमीन का सौदा किया था, जिसमें से दो लाख रुपये उन्होंने उसे दिए थे।
डूबने से नहीं हो सकती पिता की मौत
जितेंद्र का कहना है कि पिता अच्छे तैराक थे। उनकी मौत डूबने से हो ही नहीं सकती। उनके सिर पर चोट के निशान और पीठ पर नाखून के निशान मिले हैं, जिससे प्रतीत हो रहा है कि पिता के साथ मारपीट की गई है। सवाल यह है कि मृतक के परिजनों को कैसे पता लगा कि वह इसी स्थान पर डूबे हैं, उन्हें नदी से बाहर निकाला। पुलिस के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।