उज्जैन जिले में नौ साल पहले एक बस चालक पर एक अन्य बस के चालक ने उस समय बस चढ़ा दी थी, जब वह बस पीछे करने को लेकर रास्ता दिखा रहा था। लेकिन तभी ड्राइवर ने बस को पीछे लेने की बजाए रास्ता दिखा रहे व्यक्ति पर ही चढ़ा दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
इस मामले में महाकाल थाना पुलिस ने मामला दर्जकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जिसके बाद इस मामले में महाकाल थाना पुलिस ने यह पूरा मामला न्यायालय में आगामी कार्रवाई के लिए प्रस्तुत किया था, जिसमें आरोपी को छह महीने कारावास की सजा सुनाई गई है।
जिला अभियोजन अधिकारी राजेन्द्र खाण्डेगर ने बताया, तीन अप्रैल 2014 को साईनाथ नामक गाड़ी का चालक साईं कृपा ट्रैवल्स पर टूर मैनेजमेंट के लिए महाराष्ट्र से उज्जैन आया था, जिसने अपनी बस गंगा गार्डन के सामने खड़ी की थी। उसी दौरान चौधरी ट्रैवेल्स के बस चालक राजेन्द्र पिता लच्छाराम जाट, निवासी जिला नागौर राजस्थान अपनी चौधरी ट्रैवल्स की बस को साईं नाथ की बस के आगे खड़ा कर दिया था। सुबह जब साईं नाथ को अगले टूर के लिए अपनी बस निकालना थी तो उसने बस के आगे चौधरी ट्रैवेल्स की बस देखी, जिस पर उसने तुरंत राजेंद्र को बुलाया और यह बस पीछे करने को कहा।
लेकिन राजेंद्र ने बस को पीछे लेने की बजाय लापरवाही पूर्वक चलाते हुए इसे साईं नाथ पर ही चढ़ा दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। पुलिस थाना महाकाल द्वारा धारा-304 ए भादवि का अपराध पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा अनुसंधान पूर्ण कर न्यायालय जज अंकिता प्लास, न्यायिक मजिस्ट्रेट, प्रथम श्रेणी जिला उज्जैन के न्यायालय द्वारा राजेन्द्र पिता लच्छाराम जाट, निवासी जिला नागौर राजस्थान को धारा 304ए भादवि में आरोपी को छह महीने का साधारण कारावास दिया गया।