फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ujjain: वैष्णव तिलक से सजे बाबा महाकाल, सिर पर पगड़ी तो गले में पहनाया श्री राम नाम का दुपट्टा

Thu, 18 Jan 2024 09:21 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

भस्म आरती में राम नाम का दुपट्टा और पगड़ी पहनाकर बाबा महाकाल के दिव्य स्वरूप के भक्तों को करवाए गए दर्शन। 
विज्ञापन
वैष्णव तिलक से सजे बाबा महाकाल - फोटो : Amar Ujala Digital
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पौष शुक्ल पक्ष की अष्टमी गुरुवार पर आज भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का एक अलग ही स्वरूप में शृंगार किया गया। इस दौरान पहले बाबा महाकाल का वैष्णव तिलक लगाकर शृंगार हुआ। फिर भस्म रमाई गई और उसके बाद में राम नाम का दुपट्टा और पगड़ी पहनाकर बाबा महाकाल के इस दिव्य स्वरूप के भक्तों को दर्शन करवाए गए। 

विज्ञापन


विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में गुरुवार सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान चार बजे मंदिर के पट खुलते ही मंदिर में सर्वप्रथम पुजारी और पुरोहितों ने भगवान श्री गणेश, माता पार्वती, कार्तिकेय और बाबा महाकाल का जलाभिषेक किया। इसके बाद कपूर आरती की गई। जिसके बाद भगवान महाकाल का जलाभिषेक दूध, दही, घी, शक्कर फलों के रस से बने पंचामृत से किया गया और भगवान को वैष्णव तिलक लगाकर श्रृंगारित करने के बाद ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर महानिवार्णी अखाड़े की ओर से बाबा महाकाल को भस्म अर्पित की गई। 

भस्म आरती के बाद बाबा महाकाल को राम नाम का दुपट्टा और आभूषण भी पहनाए  गए। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। जिससे पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया।
विज्ञापन


निराकार से साकार स्वरूप मे दर्शन देते है महाकाल
जिस समय शिवलिंग पर भस्म चढ़ाई जाती है, उस समय महिलाओं को घूंघट करने को कहा जाता है। माना जाता है कि उस समय भगवान शिव निराकार रूप में दर्शन देते है और इस रूप मे उनके दर्शन महिलाएं नहीं कर सकती। इसीलिए महिलाओ से इस दौरान घूंघट करवाया जाता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें