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Ujjain: बाबा महाकाल के दर्शन करने आए मिर्ची बाबा के बदल गए स्वर, आज की प्रशासन की जमकर तारीफ

Mon, 02 Oct 2023 03:34 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

सोमवार को वैराग्यनंद गिरि उर्फ मिर्ची बाबा बाबा महाकाल के दर्शन करने आए थे। श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति ने गर्भगृह में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ ही पूजा-अर्चना करवाई। इससे मिर्ची बाबा प्रशासनिक व्यवस्थाओं से खुश नजर आए।
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उज्जैन महाकाल में दर्शन करने पहुंचे मिर्ची बाबा - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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निरंजनी अखाड़े के संत वैराग्यनंद गिरि उर्फ़ मिर्ची बाबा आज बाबा महाकाल के दर्शन करने आए थे, जिन्होंने गर्भगृह में बाबा महाकाल का पूजन अर्चन अभिषेक किया और उसके बाद प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की। आपने कहा कि आज बाबा महाकाल ने मेरी प्रार्थना को स्वीकार कर लिया इसीलिए मैं उनके दर्शन करने आया हूं। आपने यह भी कहा कि प्रशासन संतों के प्रति अच्छा कार्य कर रहा है। 
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सोमवार को वैराग्यनंद गिरि उर्फ मिर्ची बाबा बाबा महाकाल के दर्शन करने आए थे। श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति ने गर्भगृह में बाबा महाकाल के दर्शन के साथ ही पूजा-अर्चना करवाई। इससे मिर्ची बाबा प्रशासनिक व्यवस्थाओं से खुश नजर आए। उनका कहना था कि महाकालेश्वर मंदिर में प्रशासनिक व्यवस्थाएं काफी अच्छी हैं। और यहां साधु-संतों का आदर सत्कार किया जा रहा है। यह वही वैराग्यानंद गिरि उर्फ़ मिर्ची बाबा हैं, जिन्होंने 24 दिनों पूर्व 8 सितंबर 2023 को दुष्कर्म के आरोप से जेल से बरी होने के बाद उज्जैन पहुंचकर बाबा महाकाल के दर्शन किए थे, लेकिन इस दौरान जब उन्हें गर्भगृह में प्रवेश नहीं दिया गया था तो उन्होंने चिल्ला-चिल्ला कर यह गुहार लगाई थी कि है बाबा महाकाल तेरे सामने एक संत रो-रोकर चीख-चीखकर यह फरियाद लगता है कि इस भ्रष्ट मुख्यमंत्री को बदल देना। 

कैलाश विजयवर्गीय के गर्भगृह में जाने को भी बताया था गलत
आज भले ही वैराग्यानंद गिरि उर्फ़ मिर्ची बाबा ने शांति से बाबा महाकाल के दर्शन किए हों, लेकिन 24 दिनों पूर्व जब मिर्ची बाबा बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए थे उसे दौरान उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के महाकाल मंदिर के गर्भगृह में जाने पर नाराजगी जताई थी और कहा था कि जब कैलाश विजयवर्गीय गर्भग्रह में जा सकता है तो फिर निरंजनी अखाड़े के संत को गर्भगृह में प्रवेश क्यों नहीं दिया जा रहा है।
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