सतर्कता से फर्जी रजिस्ट्री का खेल फेल
जमीन के लालच में फर्जीवाड़े का एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। लगभग 90 साल पहले मर चुके व्यक्ति की ढाई बीघा जमीन को उसी का हमनाम व्यक्ति बेचने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय पहुंच गया। स्लॉट बुक हो गया, रजिस्ट्री होने ही वाली थी कि पोते की पहले से लगाई आपत्ति ने पूरे खेल को बेनकाब कर दिया। उप पंजीयक ने तत्काल रजिस्ट्री रोककर आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
मामला पाल्याकलां स्थित सर्वे नंबर 198, रकबा 0.5850 हैक्टेयर जमीन का है। राजस्व रिकॉर्ड में यह जमीन मूलचंद पुत्र भुवान निवासी पाल्याकलां के नाम दर्ज है, जिसका कब्जा भी उनके पोते कैलाश और सुरेश के पास है। मूलचंद का निधन करीब 90 साल पहले ही हो चुका है। इसी का फायदा उठाते हुए थाना तालोद, गांव नयाखेड़ा, जिला रतलाम का रहने वाला 57 वर्षीय मूलचंद पुत्र भुवान नाम का व्यक्ति दलाल यूनुस अली पुत्र कासिम अली के साथ उप पंजीयक कार्यालय रजिस्ट्री कराने पहुंचा।
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जमीन मालिक कैलाश को पहले ही इस साजिश की भनक लग गई थी, जिसके चलते उन्होंने 24 जुलाई 2026 को ही उप पंजीयक कार्यालय में आपत्ति दर्ज करा दी थी। आपत्ति के आधार पर उप पंजीयक संतोष कटलाना ने रजिस्ट्री को निरस्त कर दिया और प्रथम दृष्टया फर्जी पाए गए मूलचंद को पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस जांच में एक और खुलासा हुआ कि आरोपी मूलचंद ने यही जमीन अपनी बताकर फिरोज नामक व्यक्ति से 5 लाख रुपये बयाना के तौर पर भी ले लिए थे और उसी जमीन की रजिस्ट्री वह यूनुस अली के नाम करने आया था।
बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि सभी पक्षों को थाने बुलाया गया है। दस्तावेजों की जांच के बाद असली मालिक का निर्धारण और फर्जी रजिस्ट्री कराने आए आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।