उज्जैन जिले के बड़नगर के ग्राम बालोदा लक्खा में मंगलवार सुबह उस समय सनसनी मच गई, जब ग्रामवासियों को पता चला कि खेत में रखवाली कर रहे एक किसान की अज्ञात लोगों ने धारदार हथियार से हत्या कर दी है। रोजाना की तरह ही घर के लोग आज सुबह भी किसान के घर लौटने का इंतजार कर रहे थे, लेकिन जब वह घर नहीं पहुंचा तो उसके बेटे खेत पर पहुंचे जहां उन्होंने खाट पर पिता की लाश को देखा था।
भारतीय किसान संघ के बड़नगर प्रतिनिधि किशन सिंह चावड़ा की लाश आज सुबह बड़नगर थाना पुलिस को ग्राम बालोदा लक्खा मे खाट पर मिली थी। इनके सिर पर अज्ञात लोगों ने धारदार हथियारों से हमला किया था, जिससे उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा ने बताया कि बड़नगर के ग्राम बालोदा लक्खा में एक किसान की हत्या की जानकारी लगी थी जिसके बाद एफएसएल टीम, फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट, और डॉग स्कॉट को घटनास्थल पर भेज दिया गया है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। पीएम रिपोर्ट और घटनास्थल पर लिए गए बयानों के बाद ही हम इस बारे में आगे कुछ बता पाएंगे।
लहसुन के खेत पर निगरानी कर रहा था किशन सिंह
बताया जाता है कि मृतक किशन सिंह के घर और खेत के बीच एक किलोमीटर की दूरी थी। इस वर्ष किशन सिंह ने अपने खेत में लहसुन की फसल बोई है और खेत से लहसुन चोरी ना हो जाए इसीलिए रोजाना वही रात्रि को खेत पर पहुंचकर फसल की निगरानी करता था। सोमवार रात्रि को भी वह खेत पर जाने का कहकर घर से निकला था लेकिन आज सुबह जब वह समय पर घर नहीं पहुंचा तो किशन के बेटे उसे ढूंढते हुए खेत पर पहुंचे थे जहां किशन सिंह की रक्त रंजित लाश मिली थी।
हत्या का कारण लूट और चोरी नहीं
सोर्स बताते हैं कि इस हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने मृतक किशन का मोबाइल और अन्य सामान जब्त कर लिया है। घटनास्थल से किशन का पर्स, मोबाइल और अन्य कोई कीमती सामान चोरी नहीं गया है जिससे यह साफ है कि यह हत्या, चोरी और लूट के लिए नहीं की गई। सोर्स का कहना है कि पुलिस मृतक किशन के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है जिससे कि यह पता चल सके कि सोमवार और मंगलवार की सुबह तक किशन ने आखिर किन लोगों से बात की थी।