आगर जिले के सुसनेर के इतवारिया बाजार में रहने वाली 4 वर्षीय बालिका ने गलती से 5 का सिक्का गले में फंसा लिया था, परिजन पहले उपचार के लिए आगर के निजी हॉस्पिटल ले गए थे लेकिन यहां जब बच्चे की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और सिक्का भी नहीं निकल पाया तो उसे तुरंत उज्जैन के अस्पताल में रेफर कर दिया गया था। चार वर्षीय बालिका का उज्जैन के निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा था जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है। परिजनों ने आगर के अस्पताल में इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया।
जानकारी के अनुसार मामला सुसनेर का है, जिसमें राजेश गायरी की चार साल की बालिका जीविका ने 17 अप्रैल को 5 रुपये का सिक्का निगल लिया। परिजन बच्ची को आगर के केयर अस्पताल ले गए। जहां डॉ. हिमांशु चौरे ने उसका इलाज किया। इलाज के दौरान जीविका की हालत ज्यादा बिगड़ने पर बच्ची को उज्जैन रैफर कर दिया। जीविका का उज्जैन के निजी अस्पताल में इलाज चला, जहां उसकी मौत हो गई।
बच्ची की मौत के बाद परिजन फिर आगर के अस्पताल पहुंचे और हंगामा कर दिया। बाद में पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने आगर थाने में भी आवेदन दिया। आवेदन में केयर अस्पताल के डॉ. हिमांशु चौरे पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। बालिका की मौत से परिजनों का बुरा हाल है।
गलत इलाज का लगाया आरोप
परिजनों ने बताया कि जीविका द्वारा सिक्का निगलते ही परिजन उसे तुरंत केयर अस्पताल ले गए थे, लेकिन यहां डॉक्टरों ने उसका ठीक से इलाज नहीं किया और उसके इलाज में भी लापरवाही बरती। यही कारण रहा कि उसकी उज्जैन में इलाज के दौरान मौत हो गई।
लापरवाही का आरोप है गलत
केयर अस्पताल के डॉक्टर डॉ. हिमांशु चौरे,का कहना है कि मुझ पर गलत इलाज के जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे गलत हैं। जब बच्चे हमारे पास आए तब उसके गले में सिक्का अटका हुआ था। हमने उसे प्राथमिक इलाज दिया और उसके बाद उसे उज्जैन रेफर कर दिया था।