राजाधिराज भगवान श्री महाकालेश्वर की भादौ माह की पहली और इस वर्ष की क्रम अनुसार पांचवीं भव्य सवारी सोमवार को धूमधाम से निकाली जाएगी। इस बार की सवारी की सबसे खास बात इसकी थीम है, जिसमें महाकाल बाबा के साथ उज्जैन के पौराणिक '84 महादेव' की भव्य झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
मंदिर के पुजारी पं. महेश शर्मा के अनुसार, इस पांचवीं सवारी में भगवान श्री महाकाल अपने भक्तों को 5 अलग-अलग स्वरूपों में दर्शन देंगे:
• चांदी की पालकी: श्री चंद्रमौलेश्वर स्वरूप
• हाथी पर: श्री मनमहेश स्वरूप
• गरुड़ रथ पर: श्री शिव तांडव स्वरूप
• नंदी रथ पर: श्री उमा-महेश स्वरूप
• डोल रथ पर: होल्कर स्टेट के पारंपरिक स्वरूप का मुखौटा
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सवारी का समय और मार्ग
मंदिर के सभा मंडप में विधिवत पूजन-अर्चन के बाद शाम 4:00 बजे बाबा की पालकी मंदिर से बाहर निकलेगी। महाकाल घाटी, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होकर पालकी रामघाट पहुंचेगी, जहां शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक किया जाएगा। इसके बाद सवारी कार्तिक चौक, ढाबा रोड, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार होते हुए रात 8:00 बजे पुनः महाकालेश्वर मंदिर लौटेगी।
ट्रैफिक व्यवस्था और डायवर्जन प्लान (श्रद्धालुओं के लिए विशेष सूचना)
सवारी के दौरान सुगम यातायात और सुरक्षा के दृष्टिगत पुलिस एवं प्रशासन ने रूट डायवर्जन लागू किया है:
1. नो-एंट्री क्षेत्र (वाहनों का प्रवेश पूर्णतः बंद): कोट मोहल्ला, गुदरी, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी, हरसिद्धि, रामघाट, कार्तिक चौक, ढाबा रोड, टंकी चौक, छत्री चौक, गोपाल मंदिर और पटनी बाजार।
2. इन मार्गों पर जाने से बचें: देवासगेट, इंदौरगेट, दौलतगंज, बेगमबाग, महाकाल घाटी, हरसिद्धि, दानीगेट, जूना सोमवारिया और केडी गेट।
3. भारी वाहनों व बसों का डायवर्जन: भारी वाहन: रतलाम, नागदा, मंदसौर और नीमच जाने वाले भारी वाहनों को तपोभूमि चौराहे से डायवर्ट किया जाएगा। बसें: देवासगेट बस स्टैंड से हरिफाटक मार्ग की ओर बसों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
ऐसे होंगे दर्शन
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