सार
Ujjain: श्री महाकालेश्वर भगवान की कार्तिक-मार्गशीर्ष (अगहन) माह में निकलने वाली सवारियों के क्रम में मार्गशीर्ष (अगहन) माह की दूसरी व शाही सवारी सोमवार 11 नवंबर को सायं 4 बजे नगर भ्रमण पर निकलेगी। भगवान श्री महाकालेश्वर श्री मनमहेश स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए शाही ठाट-बाट के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
परंपरागत मार्ग से निकलेगी श्री महाकालेश्वर भगवान की शाही सवारी
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श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर मंदिर स्थित सभामंडप में भगवान श्री मनमहेश का विधिवत पूजन-अर्चन होने के पश्चात रजत पालकी में विराजित होकर भगवान अपनी प्रजा का हॉल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल के जवानों के द्वारा पालकी में विराजित श्री मनमहेश को सलामी दी जायेगी।
इन मार्गों से निकलेगी सवारी
राजाधिराज बाबा श्री महाकालेश्वर की शाही सवारी अपने परंपरागत मार्ग श्री महाकालेश्वर मंदिर से गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाडी होते हुए रामघाट पहुंचेगी। वहां माँ क्षिप्रा के जल से भगवान श्री चन्द्रमौलीश्वर के अभिषेक उपरांत सवारी रामघाट से गणगौर दरवाजा, कार्तिक चौक, सत्यनारायण मंदिर टंकी चौराहा, तेलीवाड़ा, कंठाल चौराहा, सती गेट, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार होते हुए पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी। भगवान श्री मनमहेश की शाही सवारी में आगे तोपची, कडाबीन, श्री महाकालेश्वर भगवान का ध्वज, पुलिस बैण्ड घुडसवार दल, सशस्त्र पुलिस बल के जवान नगर वासियों को बाबा के आगमन की सूचना देते चलेंगे व भजन मंडलियाँ ढोल, झाझ, मजीरो के साथ बाबा का गुणगान करते श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी में सम्मिलित होंगे।