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नौतपा में आसमान का अद्भुत नजारा: उज्जैन में दिखा ‘सन हेलो’, सूरज के चारों ओर रंगीन वलय देख लोग रह गए हैरान

Sun, 31 May 2026 09:13 PM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन

सार

उज्जैन के बड़नगर में रविवार दोपहर सूरज के चारों ओर इंद्रधनुषी घेरा दिखाई दिया। ‘सन हेलो’ नाम की इस दुर्लभ खगोलीय घटना को लोगों ने मोबाइल में कैद किया। यह नजारा करीब 20 से 25 मिनट तक दिखा और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

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सन हेलो
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विस्तार
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तपती नौतपा के बीच रविवार को बड़नगर के आसमान में ऐसा नजारा दिखा कि लोग देखते रह गए। दोपहर करीब 12 बजे सूरज के चारों ओर इंद्रधनुषी रंगों का गोल घेरा दिखाई दिया। इस दुर्लभ खगोलीय घटना को सन हेलो कहा जाता है।

जैसे ही लोगों की नजर आसमान पर पड़ी, सड़क, छतों और बाजारों में लोग मोबाइल लेकर बाहर निकल आए। कई लोगों ने इस अद्भुत दृश्य के फोटो और वीडियो बनाए, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।

रविवार को बड़नगर में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नौतपा के दौरान आमतौर पर तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच जाता है, लेकिन बादलों की हल्की मौजूदगी के कारण मौसम अपेक्षाकृत नरम रहा। इसी दौरान सूरज के चारों ओर यह रंगीन घेरा नजर आया। यह दृश्य करीब 20 से 25 मिनट तक साफ दिखाई देता रहा। स्थानीय शिक्षक संतोष पंड्या ने बताया कि आज घर से बाहर निकला तो देखा कि सूरज के चारों ओर पूरा गोल घेरा बना हुआ था। मैंने ही नहीं, आसपास मौजूद कई लोगों ने इसे पहली बार देखा। लोगों ने इसके फोटो और वीडियो भी बनाए।

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गोरखपुर, बीकानेर और बेंगलुरु में भी दिख चुका है सन हेलो
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह कोई चमत्कार नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक वायुमंडलीय घटना है। जब ऊपरी वायुमंडल में मौजूद सिरस या सिरोस्ट्रेटस बादलों के भीतर बर्फ के महीन क्रिस्टलों से होकर सूर्य की रोशनी गुजरती है, तो वह लगभग 22 डिग्री के कोण पर अपवर्तित होती है। इसी वजह से सूरज के चारों ओर रंगीन घेरा बनता है। हाल के दिनों में गोरखपुर, बीकानेर, बेंगलुरु और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी यह दृश्य देखा गया है।

जानिए क्या होता है सन हेलो

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सन हेलो, जिसे सूर्य प्रभामंडल भी कहा जाता है, ऊंचाई पर मौजूद सिरस या सिरोस्ट्रेटस बादलों की वजह से बनता है। ये बादल बर्फ के बेहद महीन क्रिस्टलों से बने होते हैं। जब सूर्य का श्वेत प्रकाश इन क्रिस्टलों से होकर गुजरता है, तो उसका अपवर्तन और वर्ण-विक्षेपण होता है। इससे प्रकाश अपने सात रंगों बैंगनी, जामुनी, नीला, हरा, पीला, नारंगी और लाल में बंट जाता है और सूरज के चारों ओर रंगीन वृत्ताकार घेरा दिखाई देता है। इसी को सन हेलो कहा जाता है।

 

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