हत्यारों को सुरक्षा बढ़ाकर अलग कक्ष में रखा
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उज्जैन में चार साल की बच्ची राजनंदिनी की हत्या करने के बाद आरोपियों को भैरवगढ़ जेल भेज दिया गया है, लेकिन यहां भी उनकी पिटाई हो सकती है। इसी भय को लेकर इन्हें बचाने के लिए अलग कक्ष में रखा गया है। केंद्रीय जेल भैरवगढ़ के जेलर सुरेश गोयल ने बताया, बालिका की हत्या के आरोपी रानू, उसका भाई अजय और प्रेमी विक्की ठाकुर की जेल में आमद हुई थी। तीनों के जेल आने की सूचना के बाद कैदियों में आक्रोश था और उनका कहना था कि आरोपियों को हमारे सामने लाओ, हम उन्हें सबक सिखाएंगे।
उन्होंने बताया, जेल में किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न हो, इसलिए चारों आरोपियों को अन्य बंदियों से दूर एक अलग कमरे में रखा हुआ है। इधर, जेल में बंद कैदी आरोपियों को पीटने के लिए मौका तलाश रहे हैं। जेलर ने बताया कि बच्ची के हत्यारों को बचाने के लिए अलग से सुरक्षा व्यवस्था जुटाई गई है। इधर, महिला बंदी गृह में भी रानू और उसकी मां निर्मला को अन्य महिला बंदियों से दूर पटक रखा है। क्योंकि उनकी करतूत से महिला बंदी भी आक्रोशित हैं तथा कभी भी उन पर हमला कर सकती हैं।
23 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा...
हत्याकांड के तीन आरोपियों को रिमांड खत्म होने पर पुलिस ने भारी सुरक्षा के बीच सोमवार को कोर्ट में पेश किया। न्यायाधीश ने जघन्य अपराध पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सवाल किया तो आरोपियों ने सिर झुका लिया। मामले में कोर्ट ने तीनों को 23 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
न्यायाधीश ने अजय, विक्की और रानू से पूछा कि ऐसा जघन्य अपराध क्यों किया?
कमल कॉलोनी क्षेत्र में छह जून को बालिका की जघन्य हत्या कर दी गई थी। मामले में चिमनगंज पुलिस ने मृतिका के पड़ोसी अजय सोलंकी, उसकी मां निर्मला, बहन रानू और उसके प्रेमी विक्की ठाकुर को गिरफ्तार किया था। नौ जून को निर्मला को जेल भेज पुलिस ने तीनों को 12 जून तक रिमांड पर लिया था। उनसे वारदात में प्रयुक्त एक्टिवा, कपड़े और अन्य सामान बरामद करने के बाद रिमांड खत्म होने पर सोमवार को विशेष न्यायाधीश कीर्ति कश्यप की कोर्ट में पेश किया।
यहां न्यायाधीश ने अजय, विक्की और रानू से पूछा कि ऐसा जघन्य अपराध क्यों किया तो तीनों ने सिर झुका लिया। इस पर कोर्ट ने उन्हें 23 जून तक जेल भेजने के आदेश दे दिए। खास बात यह रही कि आरोपियों के प्रति आक्रोश को देखते हुए आज भी कोर्ट में भारी फोर्स तैनात करना पड़ा था।