पिछले दिनों उज्जैन जिला प्रशासन ने शहर में बढ़ते ई-रिक्शाओं के कारण ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के रूट और समय निर्धारित किया था। इस फैसले का जमकर विरोध किया जा रहा था। इधर, कल रात अम्बर कॉलोनी में रहने वाले रिक्शा चालक ने जहर खा लिया, जिसके बाद पत्नी और परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
मंगलवार सुबह खबर लगने के बाद सभी ई-रिक्शा चालक चामुंडा माता चौराहे पर इकट्ठा हुए और जाम लगा दिया। जानकारी लगने पर वरिष्ठ अधिकारी मौके पर आ गए और बातचीत की। नीलगंगा थाना पुलिस ने अम्बर कॉलोनी में रहने वाला शुभम उर्फ चिंटू पिता कमल बौरासी ई-रिक्शा चलाता है।कल रात एक बजे उसने अपने घर में जहर खा लिया। हालत बिगड़ने पर उसकी पत्नी दीपा और अन्य परिजन उसे अस्पताल लेकर आए, जहां उसका उपचार चल रहा है।
मौके पर पहुंची पुलिस को शुभम और उसकी पत्नी ने बताया कि वह किराए का वाहन चलाता है और हर दिन का साढ़े 300 रुपये किराया उसे चुकाना पड़ रहा है। प्रशासन द्वारा रूट और समय तय करने के कारण वह कुछ भी रुपये नहीं कमा पा रहा था और किराया देने इतने रुपये भी नहीं मिल पा रहे हैं और घर का खर्च मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उसने जान देने की कोशिश की।
पत्नी ने बताया कि उसका परिवार किराए के मकान में रहता है और घर चलाने के लिए किराए का ई- रिक्शा चलाते हैं। शुभम द्वारा जहर खाने का पता चलने के बाद सुबह सभी ई-रिक्शा चालक चामुंडा चौराहा पर इकट्ठा हो गए और जाम लगा दिया। जानकारी लगने के बाद मौके पर सीएसपी ओपी मिश्रा, खाराकुआ, कोतवाली, माधवनगर, देवासगेट और यातायात डीएसपी सहित अन्य अधिकारी पहुंच गए थे।
इधर, मौके पर आए ई-रिक्शा चालक एसोसिएशन के अध्यक्ष बल्लू ठाकुर ने बताया कि प्रशासन ने जो ई-रिक्शा चलाने का रूट और समय तय किया है, उससे काम करने में फजीहत हो गई है और प्रशासन द्वारा बताए रूट पर वाहन चलाने से उन्हें सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। उनका समय पूरा हो जाता है, जिसके कारण सभी रिक्शा चालक परेशान हो गए हैं। प्रशासन रूट व्यवस्था खत्म कर दे, हम 10-10 घंटे की अवधि में रिक्शों का संचालन कर लेंगे।